“इंटरव्यू में फॉलोअर्स नहीं, ज्ञान और व्यक्तित्व काम आएगा। लखनऊ में मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित करते हुए सोशल मीडिया से दूरी, समाचार पत्र पढ़ने और व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाने की सलाह दी।“
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या नहीं, बल्कि ज्ञान, व्यक्तित्व और व्यावहारिक समझ महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को इंटरनेट मीडिया के आकर्षण से बचने, समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित करने और परिश्रम को सफलता का आधार बनाने की सलाह दी।
लोकभवन में मेधावियों का हुआ सम्मान
राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश स्तर पर टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। समारोह के दौरान मेधावी छात्रों की उपलब्धियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि, टैबलेट, पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इसके साथ ही छात्रों के अभिभावकों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
शॉर्टकट नहीं, मेहनत दिलाती है सफलता
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए किसी शॉर्टकट की आवश्यकता नहीं होती। सफलता केवल निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत करना नहीं छोड़ते, वही आगे चलकर समाज और देश के लिए उदाहरण बनते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनके माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम भी होता है।
सोशल मीडिया पर समय बर्बाद न करें छात्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को इंटरनेट मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर उपलब्ध अधिकांश सामग्री पूरी तरह विश्वसनीय नहीं होती। ऐसे में विद्यार्थियों को अपना बहुमूल्य समय वहां अधिक व्यतीत करने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में ज्ञान अर्जित करने और अपनी समझ विकसित करने पर ध्यान देना अधिक आवश्यक है। सोशल मीडिया का सीमित और सकारात्मक उपयोग किया जाना चाहिए।
समाचार पत्र पढ़ने की दी सलाह
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि इससे सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाओं की जानकारी और व्यावहारिक समझ विकसित होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी नौकरी या प्रतियोगी परीक्षा के इंटरव्यू में यह नहीं पूछा जाता कि किसी व्यक्ति के कितने फॉलोअर्स हैं।
उन्होंने कहा कि इंटरव्यू बोर्ड उम्मीदवार की सोच, व्यक्तित्व, प्रस्तुति कौशल, व्यवहार और व्यावहारिक ज्ञान का मूल्यांकन करता है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व विकास और ज्ञानवर्धन पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
मोबाइल की जगह पुस्तकों से जोड़ें बच्चों को
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों को भी महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि आजकल छोटे बच्चों को शांत रखने के लिए उन्हें मोबाइल फोन थमा दिया जाता है, जिसके नकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल की बजाय पुस्तकें पढ़ने, खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन में विकसित होने वाली अच्छी आदतें ही भविष्य में व्यक्तित्व निर्माण का आधार बनती हैं। ऐसे में परिवार और विद्यालय दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
ज्ञान परंपरा ने दिलाया भारत को वैश्विक सम्मान
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान और विश्व में सम्मान का सबसे बड़ा आधार उसकी समृद्ध ज्ञान परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं और सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और ज्ञान, संस्कार तथा अनुशासन के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दें।
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