मालवीय नगर अग्निकांड में 21 की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक; मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये मुआवजे का एलान

दिल्ली के गेस्ट हाउस-रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने ली 21 लोगों की जान, 40 से अधिक लोगों को बचाया गया; पीएम, रक्षा मंत्री, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री ने जताया दुख

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का एलान किया है।

नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया। रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस परिसर में लगी आग में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों में कई विदेशी नागरिकों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का एलान किया है।

पीएम ने किया मुआवजे का एलान

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि मालवीय नगर में आग लगने से हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।

सुबह 8 बजे के आसपास लगी आग

जानकारी के अनुसार, मालवीय नगर के हौजरानी क्षेत्र में स्थित एक रेस्टोरेंट और उसके ऊपर संचालित गेस्ट हाउस में बुधवार सुबह आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और किचन क्षेत्र से होते हुए पूरी इमारत में फैल गई।

पुलिस को सुबह लगभग 8:48 बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं।

चीख-पुकार के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन

आग इतनी तेजी से फैली कि भवन में ठहरे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। धुएं और लपटों के बीच कई लोग जान बचाने के लिए इमारत से नीचे कूद गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पुलिस और राहत एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

दम घुटने और झुलसने से गई कई जानें

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों की मौत दम घुटने और गंभीर रूप से झुलसने के कारण हुई है। कई घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 13 मरीज भर्ती किए गए हैं। इनमें तीन लोग ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

छह कमरों की अनुमति, बनाए गए 25 कमरे

प्रारंभिक जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि गेस्ट हाउस को केवल छह कमरों की अनुमति प्राप्त थी, लेकिन परिसर में 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

नेताओं ने जताया शोक

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी घटना पर शोक जताया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत कार्यों में सहयोग करने की अपील की।

आग के कारणों की जांच शुरू

फिलहाल पुलिस, दमकल विभाग और अन्य जांच एजेंसियां आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही हैं। भवन के कमरों और अन्य हिस्सों की तलाशी का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई और व्यक्ति फंसा न रह गया हो।

यह हादसा राजधानी में व्यावसायिक भवनों और गेस्ट हाउसों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button