“लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में वीडियोग्राफर से 15 लाख रुपये के कैमरा और उपकरण लूटने की घटना का पुलिस ने खुलासा किया है। पीड़ित के साथी रोहन ने ही साजिश रची थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया सामान बरामद कर लिया है।“
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक वीडियोग्राफर से 15 लाख रुपये के कैमरा और अन्य उपकरणों की लूट की घटना का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि पीड़ित के साथ पिछले चार वर्षों से काम कर रहा उसका सहयोगी ही इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता रोहन कुमार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया सामान बरामद कर लिया है। जबकि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
जन्मदिन की बुकिंग के बहाने बुलाया, रास्ते में की लूट
माल थाना क्षेत्र के रानीखेड़ा निवासी पेशेवर वीडियोग्राफर अशोक यादव ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि रविवार रात उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से एक जन्मदिन समारोह की वीडियो शूटिंग के लिए बुकिंग मिली थी। बुकिंग करने वाले युवक ने अपना नाम आशू बताया था।
कार्यक्रम कवर करने के लिए अशोक यादव अपने साथियों शनी, शशांक गुप्ता, सचिन गौतम और रोहन कुमार के साथ कार से इटौंजा क्षेत्र के हीरापुरवा तिराहे की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने रास्ता रोक लिया और असलहे के बल पर कैमरे, महंगे लेंस और अन्य उपकरण लूटकर फरार हो गए। लूटे गए सामान की कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई गई थी।
शुरुआत से ही रोहन पर था शक
घटना के बाद अशोक यादव ने इटौंजा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। शिकायत में उन्होंने अपने साथी रोहन कुमार की भूमिका पर भी संदेह जताया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की।
जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
मुखबिर की सूचना से खुला राज
इटौंजा थाना पुलिस को बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल एक आरोपी क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस ने चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।
इटौंजा चौराहे के पास एक संदिग्ध बाइक सवार को रोककर पूछताछ की गई। उसकी पहचान देवरिया जिले के भलुवनी निवासी विपिन मिश्रा उर्फ दुर्लभ के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक तमंचा, दो कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस पूछताछ में विपिन ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वीडियोग्राफर को फर्जी बुकिंग के जरिए बुलाने के लिए इसी मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया था। वारदात के बाद इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड नष्ट कर दिया गया था ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके।
साथी निकला मास्टरमाइंड
विपिन की निशानदेही पर पुलिस ने बिहार के सिवान निवासी रोहन कुमार और गोंडा जिले के इटियाथोक निवासी राम अनुज को भी गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने लूट की वारदात कबूल कर ली। जांच में सामने आया कि रोहन कुमार ने ही पूरी साजिश तैयार की थी। चूंकि वह पिछले चार वर्षों से अशोक यादव के साथ काम कर रहा था, इसलिए उसे वीडियोग्राफर के काम, उपकरणों और आवाजाही की पूरी जानकारी थी।
इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और फर्जी कार्यक्रम का बहाना बनाकर अशोक यादव को सुनसान इलाके में बुलाया।
लूटा गया सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया कैमरा, महंगे लेंस और अन्य उपकरण बरामद कर लिए हैं। बरामदगी के बाद पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया है।
इटौंजा थाना प्रभारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
विश्वासघात ने दिया वारदात को अंजाम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ लूट का नहीं बल्कि विश्वासघात का भी है। जिस व्यक्ति पर पीड़ित ने वर्षों तक भरोसा किया, उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लाखों रुपये की लूट की साजिश रच डाली।
फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है और
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