“उत्तर प्रदेश सरकार ने 206 पीपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात अधिकारियों सहित कई जिलों के पुलिस उपाधीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जानिए तबादलों के पीछे सरकार की रणनीति और प्रमुख अधिकारियों की नई तैनाती।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रदेश पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुलिस उपाधीक्षक (PPS) रैंक के 206 अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए उनका तबादला किया गया है। इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव में मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जारी तबादला सूची के अनुसार मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात जितेंद्र कुमार को पुलिस उपाधीक्षक, शाहजहांपुर के पद पर भेजा गया है। वहीं अनिरुद्ध कुमार, जो अब तक महाराजगंज में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में कार्यरत थे, उन्हें महोबा में नई जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा भदोही में तैनात अशोक कुमार मिश्रा को 30वीं वाहिनी पीएसी, गोंडा में सहायक सेनानायक नियुक्त किया गया है। अभिषेक सिंह को कौशांबी से स्थानांतरित कर बलरामपुर में पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है। वहीं अजय कुमार श्रोतिया को झांसी से अमरोहा, पंकज पंत को शाहजहांपुर से रामपुर तथा उदय प्रताप सिंह को गोरखपुर से लखनऊ कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर तैनात किया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार यह तबादला प्रक्रिया प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। शासन का मानना है कि अधिकारियों के अनुभव और कार्यशैली के अनुरूप नई तैनाती से विभिन्न जिलों और इकाइयों में पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार होगा।
प्रदेश में हाल के दिनों में लगातार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं। इसी क्रम में यह PPS अधिकारियों का बड़ा तबादला माना जा रहा है। पुलिस विभाग द्वारा जारी सूची में प्रदेश के विभिन्न जिलों, कमिश्नरेटों और पीएसी इकाइयों में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को जल्द ही अपने नए कार्यस्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।









