“ममता बनर्जी पर सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने में देशद्रोह की शिकायत दर्ज की गई है। वकील रिंकी सिंह चटर्जी ने अमित शाह पर दिए गए बयान को लेकर गिरफ्तारी की मांग उठाई है और कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी की है। जानिए पूरा मामला और राजनीतिक विवाद।“
सिलीगुड़ी/पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने में उनके खिलाफ देशद्रोह से संबंधित शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता Rinky Singh Chatterjee ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने हाल ही में दिए गए अपने बयान के जरिए केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पर गंभीर आरोप लगाए और ऐसा कथित तौर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बयान दिया।
शिकायत के अनुसार, दो जून को कोलकाता के Rani Rashmoni Road पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने बांग्लादेशी नागरिक उस्मान हादी की हत्या के मामले को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर सवाल उठाए थे। इसी बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
गिरफ्तारी की मांग, हाईकोर्ट में याचिका की तैयारी
शिकायतकर्ता वकील रिंकी सिंह चटर्जी ने दावा किया है कि वह ममता बनर्जी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर आठ जून को Calcutta High Court में याचिका दायर करेंगी। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंच से दिए गए इस प्रकार के बयान देश की आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों से भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है तथा पड़ोसी देश में रहने वाले हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ सकती हैं।
पहले भी दर्ज हो चुकी है शिकायत
यह पहला अवसर नहीं है जब ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई हो। इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उनके खिलाफ साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि उन मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
मामले के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां ममता बनर्जी के बयानों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस समर्थक इसे राजनीतिक विरोधियों की रणनीति बता रहे हैं। आने वाले दिनों में हाईकोर्ट में प्रस्तावित याचिका और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि शिकायत दर्ज होना और किसी आरोप का सिद्ध होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करती हैं।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”








