“BJP Rajya Sabha Candidates List 2026: भाजपा ने 18 जून के राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को टिकट नहीं मिलने के बाद मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानिए पूरी सूची और राजनीतिक मायने।“
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा दो केंद्रीय मंत्रियों को लेकर हो रही है, जिन्हें इस बार राज्यसभा का टिकट नहीं मिला।
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का नाम सूची से गायब रहने के बाद मोदी सरकार में संभावित फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं।
राज्यसभा टिकट नहीं मिलने से बढ़ी राजनीतिक हलचल
भाजपा द्वारा जारी सूची में मध्य प्रदेश और राजस्थान से वर्तमान राज्यसभा सांसद रहे दोनों नेताओं को दोबारा मौका नहीं दिया गया। जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हैं, जबकि रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति में प्रभावशाली जाट सिख नेता माने जाते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों नेताओं को टिकट नहीं मिलने के पीछे पार्टी की कोई बड़ी रणनीति हो सकती है।
क्या मोदी कैबिनेट में होगा फेरबदल?
राज्यसभा सूची के बाद मोदी कैबिनेट में बदलाव की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। हाल के दिनों में केंद्र सरकार के दो अन्य मंत्रियों को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
- पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया।
- हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा की कमान सौंपी गई।
ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्र सरकार और संगठन के बीच नई जिम्मेदारियों के अनुरूप कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
हालांकि अभी भाजपा ने झारखंड और कर्नाटक की सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। इसलिए यह संभावना भी बनी हुई है कि दोनों मंत्रियों में से किसी एक को वहां से राज्यसभा भेजा जा सकता है।
नए चेहरों पर भाजपा का दांव
इस बार भाजपा ने कई नए और संगठन से जुड़े नेताओं को मौका दिया है। पार्टी ने अधिकांश राज्यों में पुराने सांसदों की जगह नए चेहरों को प्राथमिकता दी है।
प्रमुख नामों में शामिल हैं—
- तरुण चुघ
- सतीश पूनिया
- देबाशीष सामंतराय
- ए शारदा देवी
- ताई तगाक
भाजपा ने गुजरात से भी कई नए नामों को मौका देकर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
ओबीसी और आदिवासी समीकरण पर फोकस
गुजरात से घोषित उम्मीदवारों में ओबीसी और आदिवासी समुदायों को प्रतिनिधित्व देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। राजनीतिक जानकार इसे आगामी चुनावों की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
पार्टी सामाजिक संतुलन के साथ-साथ क्षेत्रीय नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है।
बिट्टू और कुरियन की भूमिका पर बनी नजर
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी को देखते हुए रवनीत सिंह बिट्टू को राज्य की राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका दे सकती है।
वहीं केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन के लिए भी पार्टी भविष्य में नई राजनीतिक जिम्मेदारी तय कर सकती है। हालांकि भाजपा नेतृत्व की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
किन सांसदों का कटा टिकट?
इस बार जिन निवर्तमान राज्यसभा सांसदों को दोबारा मौका नहीं मिला, उनमें प्रमुख नाम हैं—
- रामभाई मोकारिया
- अमीन नरहरि
- रमीला बारा
- राजेंद्र गहलोत
- लीशेम्बा सनाजाओबा
- नबाम रेबिया
- सुमेर सिंह सोलंकी
भाजपा ने इनकी जगह नए उम्मीदवारों को उतारकर संगठनात्मक बदलाव का स्पष्ट संकेत दिया है।
11 सीटों पर भाजपा की जीत लगभग तय
विधानसभाओं में मजबूत संख्या बल के कारण भाजपा की अधिकांश सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है।
इनमें शामिल हैं—
- गुजरात – 4 सीट
- राजस्थान – 2 सीट
- मध्य प्रदेश – 2 सीट
- मणिपुर – 1 सीट
- अरुणाचल प्रदेश – 1 सीट
- ओडिशा उपचुनाव – 1 सीट
इन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को स्पष्ट बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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