विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्राम्य विकास संस्थान का बड़ा अभियान, प्रदेशभर में हुआ व्यापक वृक्षारोपण

राज्य ग्राम्य विकास संस्थान और 50 क्षेत्रीय एवं जिला प्रशिक्षण केंद्रों में हुआ वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ और प्रदेश के 50 क्षेत्रीय एवं जिला ग्राम्य विकास संस्थानों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और भूजल संवर्धन का संकल्प लिया।

लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ के नेतृत्व में प्रदेशभर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के अधीन संचालित सभी क्षेत्रीय एवं जिला ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थानों में एक साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

यह अभियान प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग एवं महानिदेशक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान सौरभ बाबू के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत संस्थान मुख्यालय सहित प्रदेश के सभी 50 क्षेत्रीय और जिला ग्राम्य विकास संस्थानों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं।

राज्य ग्राम्य विकास संस्थान मुख्यालय परिसर में अपर निदेशक सुबोध दीक्षित की अध्यक्षता में अधिकारियों और कर्मचारियों ने पारंपरिक तथा पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों के पौधे रोपे। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुबोध दीक्षित ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र के बीच वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक वृक्षों का संरक्षण और संवर्धन पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ जैव विविधता और भूजल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और विकास कार्यों के कारण हरित क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक वृक्ष लगाए और उनकी नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करे। केवल पौधे लगाने से ही उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि उन्हें संरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अभियान में संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

ग्राम्य विकास विभाग की इस पहल को प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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