“राम मंदिर चढ़ावा विवाद में अखिलेश यादव के करोड़ों रुपये गायब होने के आरोप पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नियमित ऑडिट चल रहा है और अब तक कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी अखिलेश यादव के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।“
लखनऊ। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे की राशि को लेकर उठे विवाद पर ट्रस्ट की ओर से सफाई दी गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा करोड़ों रुपये के चढ़ावे के गायब होने का आरोप लगाए जाने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि ट्रस्ट का नियमित आंतरिक ऑडिट चल रहा है और अब तक किसी प्रकार की उल्लेखनीय अनियमितता सामने नहीं आई है।
चंपत राय ने जारी बयान में कहा कि ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट कराया जाता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी भी शामिल रहते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी ऑडिट का कार्य जारी है और अभी तक कोई ऐसी बात सामने नहीं आई है, जिससे चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की पुष्टि होती हो।
क्या है पूरा मामला?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की करोड़ों रुपये की राशि गायब पाई गई है। उन्होंने इसे श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए मामले की स्वतंत्र जांच और न्यायालय से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की थी।
अखिलेश यादव ने कहा था कि यदि चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी हुई है तो यह न केवल मंदिर ट्रस्ट बल्कि करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं से जुड़ा मामला है। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का जवाब
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि यह सरकार का नहीं, बल्कि मंदिर प्रशासन का विषय है और उसका जवाब संबंधित ट्रस्ट देगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लगातार विभिन्न मुद्दों पर आरोप लगाते रहते हैं और भाजपा हर आरोप का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है।
जालौन दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में पंकज चौधरी ने कहा कि मंदिर से जुड़े मामलों पर ट्रस्ट सक्षम है और वही तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करेगा।
ऑडिट रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
राम मंदिर चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच ट्रस्ट ने साफ किया है कि वित्तीय लेनदेन की नियमित जांच प्रक्रिया जारी है। ऐसे में अब सभी की निगाहें ऑडिट प्रक्रिया के निष्कर्षों और ट्रस्ट की आगामी आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं। फिलहाल ट्रस्ट ने चढ़ावे की राशि में किसी भी प्रकार की अनियमितता के आरोपों को खारिज किया है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









