“नोएडा में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग के लिए 700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। यूपीएससी, यूपीपीसीएस, नीट और जेईई की तैयारी के लिए 15 जुलाई से कक्षाएं शुरू होंगी।“
नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना युवाओं के बीच लगातार लोकप्रिय होती जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों में इस योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस वर्ष गौतमबुद्ध नगर जिले में संचालित होने वाली निशुल्क कोचिंग कक्षाओं के लिए अब तक 700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
योजना के तहत यूपीएससी, यूपीपीसीएस, नीट, जेईई समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह निशुल्क कराई जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।
इस बार चार केंद्रों पर होगी कोचिंग
इस वर्ष जिले में चार कोचिंग केंद्रों पर कक्षाएं संचालित की जाएंगी। पहले से संचालित केंद्रों के अलावा पंचशील बालक इंटर कॉलेज और गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को भी योजना में शामिल किया गया है।
जिला प्रशासन का मानना है कि नए केंद्रों के जुड़ने से अधिक संख्या में छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।
यूपीएससी, नीट और जेईई के लिए सबसे अधिक आवेदन
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मिहिर भोज इंटर कॉलेज में संचालित होने वाली यूपीएससी, नीट और जेईई की कक्षाओं के लिए सबसे अधिक रुचि देखने को मिली है। यहां लगभग 300 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
वहीं डॉ. भीमराव आंबेडकर लाइब्रेरी में संचालित विशेष यूपीएससी कक्षाओं के लिए 195 आवेदन आए हैं। इसके अलावा पंचशील बालक इंटर कॉलेज और गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय केंद्रों के लिए भी 230 से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
जुलाई में होगी प्रवेश परीक्षा
जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभ्यर्थियों के चयन के लिए 1 जुलाई से 7 जुलाई के बीच प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि परीक्षा का परिणाम 11 जुलाई को घोषित किया जाएगा, जबकि चयनित अभ्यर्थियों की कक्षाएं 15 जुलाई से शुरू कर दी जाएंगी।
विषय विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन
अभ्युदय योजना के तहत केवल पाठ्यक्रम आधारित अध्ययन ही नहीं कराया जाएगा, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कक्षाओं में विषय विशेषज्ञों द्वारा उत्तर लेखन, समय प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास, करंट अफेयर्स, परीक्षा रणनीति और साक्षात्कार की तैयारी भी कराई जाएगी। इससे अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
सफलता की नई मिसाल बन रही योजना
जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार पिछले तीन वर्षों में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़े 30 से अधिक अभ्यर्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुके हैं। यही कारण है कि हर वर्ष योजना के प्रति छात्रों का रुझान बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
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