मेरठ में रिश्तों का खौफनाक अंत: प्रेमी संग मिलकर बेटे की हत्या की साजिश में मां गिरफ्तार

व्हाट्सएप चैट से खुला राज, हत्या के बाद प्रेमी से बोली- ‘पुलिस के पास फुटेज है, अब नहीं बचोगे’; छह वर्षीय अंगदवीर हत्याकांड में बड़ा खुलासा

मेरठ के चर्चित अंगदवीर हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मां गुरप्रीत कौर हत्या से पहले और बाद तक प्रेमी अर्पित पाराशर के संपर्क में थी। व्हाट्सएप चैट, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गुरप्रीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मेरठ। मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज गांव में छह वर्षीय मासूम अंगदवीर की हत्या के मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस ने शुक्रवार को मृतक की मां गुरप्रीत कौर को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच में सामने आया है कि बेटे के अपहरण और हत्या की साजिश में मां ने अपने प्रेमी अर्पित पाराशर का पूरा साथ दिया था और वारदात से पहले तथा बाद तक दोनों लगातार संपर्क में थे।

पुलिस के अनुसार आरोपियों की डिलीट की गई व्हाट्सएप चैट रिकवर करने के बाद ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जो गुरप्रीत की साजिश में सक्रिय भूमिका की पुष्टि करते हैं।

हत्या के दस मिनट बाद भेजा गया था संदेश

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर ने अंगदवीर की हत्या के करीब दस मिनट बाद गुरप्रीत को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर “काम हो गया” की जानकारी दी थी। इसके जवाब में गुरप्रीत ने पूछा था कि किसी ने देखा तो नहीं।

बाद में जब पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिलने की जानकारी हुई तो गुरप्रीत ने प्रेमी को संदेश भेजा कि पुलिस गांव पहुंच चुकी है और उसके पास फुटेज भी है। उसने यह भी लिखा कि “तूने मारा है, मेरा नाम मत लेना, अब नहीं बचोगे।”

पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद दोनों ने चैट डिलीट कर दी थी, लेकिन तकनीकी जांच में उन्हें रिकवर कर लिया गया।

मां ने ही बेटे को प्रेमी के पास भेजा

पुलिस जांच के मुताबिक घटना वाले दिन गुरप्रीत ने अर्पित को अपने घर के पास बुलाया था। अर्पित कार लेकर कुछ दूरी पर खड़ा था। गुरप्रीत अपने बेटे अंगदवीर को घर से बाहर लेकर आई और उसे यह कहकर कार की ओर भेज दिया कि वहां बैठे अंकल उसे घड़ी और चॉकलेट दिलाने ले जाएंगे।

मासूम बच्चे के कार में बैठने के बाद गुरप्रीत अपने मायके चली गई, जबकि अर्पित उसे लेकर फरार हो गया।

प्रेम संबंध उजागर होने का था डर

पूछताछ में सामने आया है कि कुछ दिन पहले अर्पित रात में गुरप्रीत से मिलने उसके घर पहुंचा था। उसी दौरान अंगदवीर की नींद खुल गई और उसने अपनी मां को अर्पित के साथ देख लिया।

पुलिस के अनुसार दोनों को आशंका थी कि बच्चा अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को इस संबंध के बारे में बता देगा। इसी डर के चलते उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।

जांच में यह भी सामने आया कि गुरप्रीत अपने पति से अलग होना चाहती थी और उसे लगता था कि बेटे की मौजूदगी उसके वैवाहिक विवाद के समाधान में बाधा बन रही है।

चैट और डिजिटल साक्ष्य बने अहम आधार

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गुरप्रीत की गिरफ्तारी केवल बयान के आधार पर नहीं, बल्कि व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर की गई है।

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट है कि गुरप्रीत अपहरण और हत्या की साजिश में शामिल थी। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

एरिया मैनेजर है मुख्य आरोपी

इस मामले का मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर एक निजी बैंक में एरिया मैनेजर के पद पर कार्यरत बताया गया है। पुलिस के अनुसार उसने ही बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या की थी। पूछताछ में उसने शुरू में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और बच्चे को नहर में फेंकने की कहानी सुनाई, लेकिन बाद में हत्या की बात स्वीकार कर ली।

पूरे क्षेत्र में आक्रोश

छह वर्षीय मासूम की हत्या में उसकी मां की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। लोग इस घटना को रिश्तों के पतन और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला अपराध बता रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना आगे बढ़ा रही है और अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है।

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