बेंगलुरु में बड़ा हादसा: पत्थर की खदान में चट्टान खिसकने से बिहार के 8 मजदूरों की मौत

कर्नाटक के बेंगलुरु के मादापट्टना इलाके में पत्थर की खदान में चट्टान खिसकने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में बिहार के आठ मजदूरों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर जांच के आदेश दिए हैं।

हाइलाइट्स:

• बेंगलुरु के मादापट्टना इलाके की पत्थर खदान में बड़ा हादसा।
• चट्टान खिसकने से बिहार के आठ मजदूरों की मौके पर मौत।
• कई मजदूर घायल, अस्पताल में इलाज जारी।
• प्रशासन और राहत दल ने मौके पर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।
• सुरक्षा मानकों में लापरवाही के पहलू की जांच शुरू।

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे में बिहार के आठ मजदूरों की जान चली गई। बेंगलुरु साउथ तालुक के मादापट्टना इलाके स्थित एक पत्थर की खदान में काम के दौरान अचानक विशाल चट्टान खिसककर मजदूरों पर गिर गई, जिससे मौके पर ही आठ लोगों की मौत हो गई।

हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन, पुलिस तथा राहत एवं बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए।

काम के दौरान अचानक गिरी विशाल चट्टान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब मजदूर पत्थर तोड़ने और खुदाई के काम में लगे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि साइट पर करीब 18 मजदूर काम कर रहे थे, तभी लगभग 40 फीट की ऊंचाई से एक विशाल चट्टान खिसककर नीचे आ गिरी।

चट्टान गिरते ही कई मजदूर मलबे में दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।

बिहार के रहने वाले थे सभी मृतक मजदूर

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर बिहार के विभिन्न जिलों के निवासी थे और रोजी-रोटी की तलाश में बेंगलुरु आकर स्टोन क्रशर साइट पर दिहाड़ी मजदूरी करते थे।

पुलिस प्रशासन मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर उनके परिजनों को सूचना देने में जुटा हुआ है।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

हादसे में घायल हुए मजदूरों को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने अभी तक घायलों की अंतिम संख्या जारी नहीं की है।

राहत एवं बचाव अभियान जारी

हादसे के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य मजदूर अंदर फंसा न रह गया हो।

राहत दल भारी मशीनों और उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटा हुआ है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल

हादसे के बाद खदान में सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिक सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि चट्टान खिसकने के पीछे प्राकृतिक कारण थे या फिर सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही जिम्मेदार थी।

यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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