“अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता वोट के जरिए सरकार को हटाने का इंतजार कर रही है। उन्होंने भ्रष्टाचार, साइबर फ्रॉड, खाद संकट, कानून व्यवस्था और राम मंदिर मुद्दे पर सरकार को घेरा।“
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और आगामी चुनाव में भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जनता चुनाव का इंतजार कर रही है और अपने वोट की ताकत से भाजपा सरकार को हटाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चुनाव जल्दी कराना चाहती है तो विपक्ष पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि “मर्यादा का पहला नाम प्रभु श्रीराम और दूसरा नाम संविधान है। आस्था से खिलवाड़ किया गया है और अब लोकतंत्र से भी खिलवाड़ करने की तैयारी की जा रही है।”
राम मंदिर और राजनीतिक चंदे के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि इस बार भारतीय जनता पार्टी को न चंदा मिलेगा, न दान, न चढ़ावा और न ही वोट मिलेगा।
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में न्याय व्यवस्था प्रभावित हुई है और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि “हथेली गर्म, पुलिस नर्म” की स्थिति बन चुकी है और उत्तर प्रदेश की जनता ने इतना भ्रष्टाचार पहले कभी नहीं देखा।
सिख समाज को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने अपने साहस और परिश्रम से देश को कृषि क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाई है और देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए और इससे सरकार की कार्यशैली उजागर हुई।
कृषि क्षेत्र में उर्वरकों की कमी को लेकर उन्होंने कहा कि डीएपी और खाद का जो संकट सामने आ रहा है, उसकी जिम्मेदारी सरकार की नीतियों पर है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश साइबर फ्रॉड के मामलों में शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में शिकायतें दर्ज तक नहीं की जा रही हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी और राजनीतिक हमले आने वाले दिनों में और तेज हो सकते हैं।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”








