“भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली उत्तर प्रदेश यात्रा में पार्टी ने ओबीसी, दलित, सवर्ण, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज को साथ लेकर नई सामाजिक और राजनीतिक रणनीति का संदेश दिया। पढ़ें पूरी राजनीतिक रिपोर्ट।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा (UP BJP Strategy) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली प्रदेश यात्रा को केवल स्वागत कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बनाया। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से लेकर भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक आयोजित स्वागत कार्यक्रमों में विभिन्न जातीय और सामाजिक वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित कर पार्टी ने ‘सर्वसमाज’ को साथ लेकर चलने का संदेश देने की कोशिश की।
भाजपा ने स्वागत यात्रा के दौरान ओबीसी, अनुसूचित जाति, सवर्ण, वैश्य, निषाद, मौर्य, कुशवाहा, राजभर, यादव, ब्राह्मण, लोधी, वाल्मीकि, पासी, विश्वकर्मा, साहू, सिंधी, पंजाबी, सिख, बंगाली, मराठी, क्रिश्चियन तथा अल्पसंख्यक समाज सहित अनेक समुदायों के प्रतिनिधियों को अलग-अलग स्वागत मंचों की जिम्मेदारी सौंपी।
लोकसभा चुनाव के बाद बदली रणनीति
2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद पार्टी संगठन लगातार सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। हाल ही में प्रदेश संगठन में घोषित पदाधिकारियों की सूची में भी ओबीसी और वंचित समाज के प्रतिनिधित्व को बढ़ाया गया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ नए सामाजिक समूहों तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
42 स्वागत बिंदुओं से दिया सामाजिक संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत के लिए कुल 42 स्थान निर्धारित किए गए, जिनमें से 25 स्थानों पर विभिन्न समाजों और मोर्चों के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इससे पार्टी ने व्यापक सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश देने का प्रयास किया।
महाराणा प्रताप चौक पर क्षत्रिय समाज ने स्वागत किया, जबकि अन्य स्थानों पर विभिन्न समुदायों के संगठन और मोर्चे मौजूद रहे। भाजपा का ओबीसी मोर्चा भी प्रमुख स्वागत बिंदुओं में शामिल रहा।
धार्मिक और सामाजिक संवाद पर भी जोर
प्रदेश मुख्यालय पहुंचने से पहले नितिन नवीन ने लखनऊ के प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने शहर की प्रसिद्ध शर्मा चाय पर कार्यकर्ताओं से संवाद कर जनसंपर्क मजबूत करने का संदेश दिया।
शाम को उन्होंने पद्मश्री सम्मानित साहित्यकार डॉ. विद्या बिंदु सिंह से उनके आवास पर मुलाकात कर बुद्धिजीवी वर्ग से संवाद बढ़ाने का संकेत भी दिया।
यूपी 2027 की तैयारी का संकेत
राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा की यह रणनीति आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखकर बनाई जा रही व्यापक सामाजिक इंजीनियरिंग का हिस्सा मानी जा रही है। पार्टी संगठन विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने और व्यापक जनसंपर्क अभियान पर विशेष जोर दे रही है।
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