“जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से तबाही मच गई। NH-244 बंद हो गया, कई वाहन और निर्माण उपकरण मलबे में दब गए। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।“
किश्तवाड़/डोडा। जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जम्मू संभाग के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में रविवार रात बादल फटने और भूस्खलन के बाद भारी मात्रा में मलबा आने से कई इलाकों में नुकसान हुआ है। कई वाहन, निर्माण उपकरण और सड़कें इसकी चपेट में आ गईं।
प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। वहीं, डोडा-किश्तवाड़ को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-244 (NH-244) मलबा और चट्टानें गिरने के कारण बंद हो गया है। हाईवे बंद होने से कई यात्री रास्ते में फंस गए हैं।

बादल फटने से निर्माण परियोजना क्षेत्र में नुकसान
किश्तवाड़ जिले में निर्माणाधीन क्वार जल विद्युत परियोजना के पास बादल फटने से अचानक कीचड़, पत्थरों और मलबे का सैलाब आ गया। इसकी चपेट में आने से कई ट्रक, डोजर और अन्य निर्माण उपकरण दब गए।
राहत की बात यह रही कि घटना के समय परियोजना क्षेत्र में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण निर्माण सामग्री को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्र से मलबा हटाने और फंसे वाहनों को निकालने का काम जारी है।
डोडा के प्रेमनगर में बाजार में भरा मलबा
डोडा जिले के प्रेमनगर के ऊपरी इलाकों में भी बादल फटने से भारी नुकसान की सूचना है। यहां अचानक पानी और मलबा आने से बाजार क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नाले में पानी का बहाव बढ़ने के कारण आसपास के कुछ मकानों और एक मंदिर को भी नुकसान पहुंचा है। कई वाहन मलबे में दब गए हैं।

NH-244 पर यातायात प्रभावित
भूस्खलन के कारण डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग पर बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। प्रशासन ने हाईवे को बंद कर दिया है और सड़क को साफ करने का काम शुरू कर दिया गया है।
अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रभावित मार्गों पर जाने से बचें और यातायात विभाग की आधिकारिक सलाह का पालन करें।
केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी, जनहानि नहीं
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है और राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रियासी जिले के ऊंचाई वाले इलाकों से भी बाढ़ जैसी स्थिति की जानकारी मिली है। वहीं, चिनैनी के बप्प गांव के पास बारिश के कारण मानतलाई-लाटी सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
मौसम को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और सड़क संपर्क बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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