उत्तराखंड में बारिश का रौद्र रूप: पहाड़ से मैदान तक हाहाकार, 10 जिलों में स्कूल बंद; 107 सड़कें ठप

Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। 10 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद किए गए हैं, जबकि भूस्खलन के कारण 107 सड़कें बाधित हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलधार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। बारिश के चलते राज्यभर में जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई प्रमुख मार्गों पर आवाजाही बाधित हो गई है।

भूस्खलन के कारण प्रदेश की 107 संपर्क सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं मौसम विभाग के भारी बारिश अलर्ट को देखते हुए शुक्रवार को 10 जिलों में 12वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

काशीपुर और रुड़की में जलभराव से हालात खराब

प्रदेश में बारिश का सबसे ज्यादा असर ऊधमसिंह नगर के काशीपुर और हरिद्वार जिले के रुड़की में देखने को मिला। लगातार बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

पिछले 24 घंटे में काशीपुर में प्रदेश की सबसे अधिक 206 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान भी सामान्य से चार से आठ डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है।

10 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने एहतियातन कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है।

शुक्रवार को इन जिलों में कक्षा 12 तक के सभी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे—

  • देहरादून
  • पौड़ी
  • टिहरी
  • चमोली
  • रुद्रप्रयाग
  • हरिद्वार
  • नैनीताल
  • ऊधमसिंह नगर
  • चंपावत
  • बागेश्वर

भूस्खलन से 107 सड़कें बंद, बदरीनाथ हाईवे भी प्रभावित

भारी बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। चमोली और कर्णप्रयाग क्षेत्र में हालात ज्यादा गंभीर बने हुए हैं।

चमोली में बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपानी के पास भूस्खलन के कारण मार्ग करीब साढ़े तीन घंटे तक बंद रहा। गढ़वाल क्षेत्र में 20 से अधिक मार्गों के बार-बार बाधित होने की सूचना है।

वहीं कुमाऊं क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिला। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर चट्टानें खिसकने से चीन सीमा से संपर्क प्रभावित हुआ है। ऊधमसिंह नगर को छोड़कर कुमाऊं के पांच जिलों में 54 सड़कें मलबा और भूस्खलन के कारण बंद हैं।

नैनीताल झील का बढ़ा जलस्तर, नौकायन रोका गया

लगातार बारिश के कारण नैनीताल झील का जलस्तर बढ़ गया है। सुरक्षा को देखते हुए झील में नौकायन रोक दिया गया है।

टिहरी जिले में भी भूस्खलन की चपेट में आने से एक पुराना मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

  • ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत में रेड अलर्ट
  • देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट

बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। अलकनंदा, पिंडर, गंगा, काली, सरयू और गौरी नदियों में पानी बढ़ने की सूचना है। हालांकि फिलहाल सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

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