फर्रुखाबाद में गैस लाइन में लगे बुजुर्ग की मौत, कई जिलों में सिलिंडर के लिए हाहाकार

UP LPG Crisis News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत से हालात बिगड़ रहे हैं। फर्रुखाबाद में गैस लाइन में लगे बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि कानपुर में सिलिंडर के इंतजार में व्यक्ति बेहोश हो गया। कई जिलों में लंबी कतारों से जनजीवन प्रभावित है।

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं और कई जगहों पर लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि फर्रुखाबाद में गैस सिलिंडर लेने के लिए लाइन में लगे एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि कानपुर में सिलिंडर का इंतजार कर रहा एक व्यक्ति बेहोश हो गया।

प्रदेश के कई जिलों में गैस वितरण केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल है और लोग सुबह से ही अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं।

फर्रुखाबाद में लाइन में लगे बुजुर्ग की मौत

फर्रुखाबाद के गढ़ी खानखाना मनिहारी मोहल्ले के रहने वाले 65 वर्षीय मो. मुख्तियार अंसारी गैस सिलिंडर बुक कराने के लिए लालसराय स्थित नेशनल गैस एजेंसी पहुंचे थे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़े रहने के दौरान अचानक उन्हें चक्कर आया और वे गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन हालत गंभीर होने पर अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का कहना है कि लाइन में खड़े रहने के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया, जबकि एजेंसी प्रबंधन ने एजेंसी परिसर में ऐसी किसी घटना से इनकार किया है।

कानपुर में सिलिंडर का इंतजार करते बेहोश हुआ व्यक्ति

कानपुर में गैस वितरण केंद्रों पर एलपीजी पहुंचते ही कुछ ही देर में सिलिंडर खत्म हो जा रहे हैं। उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लग रही हैं और कई लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। भागवत गैस एजेंसी के बाहर करीब आधा किलोमीटर लंबी कतार लग गई। सुबह नौ बजे सिलिंडर वितरण शुरू हुआ, लेकिन दो घंटे के भीतर ही स्टॉक खत्म हो गया और 500 से अधिक उपभोक्ता बिना सिलिंडर के लौट गए। इसी दौरान लाइन में लगा एक व्यक्ति गर्मी और थकान के कारण बेहोश हो गया।

स्कूलों में चूल्हे पर बनने लगा मध्याह्न भोजन

गैस की कमी का असर अब सरकारी योजनाओं पर भी पड़ने लगा है। कई जिलों के परिषदीय विद्यालयों में गैस सिलिंडर खत्म होने से मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में अब मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर बच्चों के लिए भोजन बनाया जा रहा है।

औरैया में कालाबाजारी पर छापेमारी

औरैया में गैस और डीजल की कालाबाजारी की शिकायत पर प्रशासन ने छापेमारी की। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 835 लीटर डीजल और 36 खाली एलपीजी सिलिंडर बरामद किए गए। अधिकारियों ने जब्त सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

बांदा में कमर्शियल सिलिंडर की कमी से कारोबार प्रभावित

बांदा में कमर्शियल गैस सिलिंडर न मिलने से छोटे खानपान कारोबारियों का काम प्रभावित हो रहा है। बस स्टैंड और बाजारों में छोला-कचौड़ी, चाय और भटूरा बेचने वाली कई रेहड़ी-पटरी की दुकानें बंद पड़ी हैं।

चित्रकूट में अफवाह से बढ़ी मांग

चित्रकूट में गैस की वास्तविक कमी कम बताई जा रही है, लेकिन भविष्य की चिंता और अफवाहों के कारण लोग अतिरिक्त सिलिंडर बुक करा रहे हैं। इससे वितरण केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई है और बुकिंग का बैकलॉग बढ़ रहा है।

इटावा, उन्नाव और कन्नौज में भी परेशानी

इटावा, उन्नाव और कन्नौज में भी उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग और डिलीवरी में समस्या हो रही है। कई जगह टोल-फ्री और बुकिंग नंबर काम नहीं कर रहे, जिससे लोग सीधे एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं और घंटों इंतजार कर रहे हैं।

प्रशासन का दावा – गैस की कमी नहीं

अधिकारियों का कहना है कि कई जिलों में गैस की आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन अफवाहों और अधिक बुकिंग के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त सिलिंडर बुक न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

हालांकि जमीनी हालात बताते हैं कि प्रदेश के कई जिलों में फिलहाल गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें और अव्यवस्था से आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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