“गोमती नदी निर्माण पर NGT रोक। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने लखनऊ में गोमती नदी के किनारे, नदी तल और बाढ़ क्षेत्र में कथित निर्माण कार्यों पर अंतरिम रोक लगाते हुए LDA, सिंचाई और जल संसाधन विभाग समेत सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।“
लखनऊ। गोमती नदी निर्माण पर NGT रोक (NGT Stay on Gomti River Construction) से जुड़ा बड़ा आदेश सामने आया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने गोमती नदी के किनारे, नदी तल और सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में कथित निर्माण कार्यों पर अंतरिम रोक लगाते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), सिंचाई विभाग, जल संसाधन विभाग तथा अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
NGT ने अपने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया है कि गंगा संरक्षण आदेश-2016 (River Ganga Rejuvenation, Protection and Management Authorities Order, 2016) के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करते हुए कोई निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
नई दिल्ली स्थित NGT की प्रधान पीठ में मूल आवेदन संख्या 269/2026 पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता आलोक सिंह ने आरोप लगाया कि गोमती नदी के किनारे, नदी तल और बाढ़ क्षेत्र में तटबंध, चार लेन सड़क और बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कराया जा रहा है।
याचिका में कहा गया है कि गोमती नदी, गंगा की प्रमुख सहायक नदी है। इसलिए उस पर गंगा संरक्षण आदेश-2016 के प्रावधान लागू होते हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG), जिलाधिकारी और मुख्य सचिव को भी शिकायत भेजी गई थी।
NGT ने क्या कहा?
NGT ने अपने आदेश में कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों के तट, नदी तल और सक्रिय बाढ़ क्षेत्र को निर्माण मुक्त रखा जाना चाहिए। अधिकरण ने यह भी कहा कि गोमती नदी के बाढ़ क्षेत्र के सीमांकन से जुड़ा एक अन्य मामला पहले से लंबित है। दोनों मामलों की सुनवाई अब 25 अगस्त को एक साथ की जाएगी।
अंतरिम आदेश के प्रमुख बिंदु
- गोमती नदी के किनारे, नदी तल और सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध कोई निर्माण नहीं होगा।
- LDA, सिंचाई विभाग, जल संसाधन विभाग सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी।
- गंगा संरक्षण आदेश-2016 के अनुपालन पर विशेष जोर।
- बाढ़ क्षेत्र सीमांकन से जुड़े पुराने मामले (515/2023) की भी संयुक्त सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
LDA ने क्या कहा?
LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि NGT का आदेश एकतरफा अंतरिम आदेश है। उन्होंने दावा किया कि सभी निर्माण आवश्यक वैधानिक अनुमतियों के आधार पर किए जा रहे हैं और प्राधिकरण न्यायालय में अपना पक्ष रखेगा।
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