जलवायु आपदाएं बन रहीं बाल विवाह की वजह, बांग्लादेश में 39% तक बढ़े मामले

जलवायु परिवर्तन बाल विवाह संकट को बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बाढ़, चक्रवात और आर्थिक संकट के कारण बाल विवाह के मामलों में वृद्धि हो रही है। बांग्लादेश में प्राकृतिक आपदा के बाद बाल विवाह 39 प्रतिशत तक बढ़ने की बात सामने आई है।

ढाका/सिडनी। जलवायु परिवर्तन का असर अब सिर्फ पर्यावरण और मौसम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका सामाजिक प्रभाव भी तेजी से सामने आ रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन बाल विवाह (Climate Change Child Marriage) की घटनाओं को बढ़ाने वाली बड़ी वजह बनता जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठन प्लान इंटरनेशनल (Plan International) और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बाढ़, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण आर्थिक संकट बढ़ रहा है, जिसके चलते कई परिवार कम उम्र में बेटियों की शादी करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

प्राकृतिक आपदाओं के बाद बढ़े बाल विवाह के मामले

रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश, नेपाल और सोलोमन द्वीप जैसे देशों में जलवायु आपदाओं के बाद बाल विवाह के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।

बांग्लादेश में एक प्राकृतिक आपदा के बाद बाल विवाह की घटनाओं में करीब 39 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि जब परिवारों की आय के साधन खत्म हो जाते हैं तो लड़कियों की शादी को कई जगह आर्थिक बोझ कम करने के उपाय के रूप में देखा जाने लगता है।

चक्रवात ने छीनी रूना की पढ़ाई

रिपोर्ट में बांग्लादेश की 17 वर्षीय रूना की कहानी का भी उल्लेख किया गया है। चक्रवात रेमल के कारण उसके परिवार की आजीविका प्रभावित हुई, जिसके बाद महज 15 साल की उम्र में उसकी शादी कर दी गई।

शादी के कारण रूना को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। हालांकि बाद में सहायता संगठनों की मदद से वह दोबारा स्कूल लौट सकी।

गरीबी और खाद्य संकट बढ़ा रहे समस्या

प्लान इंटरनेशनल के अनुसार दुनिया भर में इस वर्ष करीब 1.2 करोड़ लड़कियां बाल विवाह का शिकार हो सकती हैं। संगठन का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी, खाद्य असुरक्षा और विस्थापन इस समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।

अल नीनो से बढ़ सकती हैं चुनौतियां

विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि संभावित अल नीनो (El Niño) प्रभाव के कारण कई क्षेत्रों में सूखा, बाढ़ और कृषि संकट बढ़ सकता है। इसका सीधा असर गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा और बाल विवाह के मामलों में वृद्धि की आशंका बनी रहेगी।

सरकारों से व्यापक योजना बनाने की अपील

सामाजिक संगठनों ने सरकारों से अपील की है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली नीतियों में बाल विवाह रोकने के उपायों को भी शामिल किया जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार लड़कियों की शिक्षा जारी रखना, महिला सुरक्षा मजबूत करना और प्रभावित परिवारों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना इस समस्या से निपटने के लिए जरूरी कदम हैं।

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