योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: अयोध्या में 52 एकड़ में वर्ल्ड लेवल मंदिर म्यूजियम, कारोबारियों को मिलेंगी कई रियायतें

“अयोध्या वर्ल्ड लेवल मंदिर म्यूजियम बनाने के लिए योगी कैबिनेट ने 52 एकड़ भूमि आवंटित की है। टाटा समूह इस विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय का निर्माण करेगा। इसमें वेद, पुराण, मंदिर वास्तुकला और भारत की सांस्कृतिक विरासत का विस्तृत प्रदर्शन होगा। पढ़िए पूरी विस्तार से रिपोर्ट।”

लखनऊ/अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर म्यूजियम का निर्माण, कारोबारियों को टैक्स छूट, दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्रों की स्थापना और जेल मैनुअल में महत्वपूर्ण संशोधन—बैठक में कुल 20 प्रमुख निर्णय लिए गए।

अयोध्या में 52 एकड़ में बनेगा विश्वस्तरीय मंदिर म्यूजियम

योगी कैबिनेट ने अयोध्या के माझा जमथरा क्षेत्र में 52.102 एकड़ भूमि पर एक वर्ल्ड क्लास मंदिर म्यूजियम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

क्या होगा खास?

यह संग्रहालय भारत की प्राचीन धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ प्रदर्शित करेगा। इसमें— वेद-पुराण और प्राचीन भारतीय ग्रंथों का महत्व, भारत की समृद्ध मंदिर वास्तुकला, देश की विभिन्न धार्मिक परंपराओं, संस्कृति और आस्थाओं का इतिहास, मंदिरों की कलात्मक परंपराओं का विस्तृत विवरण, मल्टीमीडिया गैलरी, इंटरैक्टिव डिस्प्ले और डिजिटल हेरिटेज सेक्शन जैसी जानकारियाँ सम्मिलित होंगी।

परियोजना का संचालन मॉडल

इस भव्य परियोजना के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी टाटा सन्स निभाएगी।

कंपनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक नॉन-प्रॉफिट एसपीवी (Special Purpose Vehicle) बनाया जाएगा।

सरकार के अनुसार, यह परियोजना अयोध्या में पर्यटन, रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति देगी।

कारोबारियों को SGST और स्टांप ड्यूटी पर छूट

कैबिनेट ने प्रदेश में कारोबार की आसान व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए SGST और स्टांप ड्यूटी पर छूट देने का निर्णय लिया है। इससे राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के तहत शाहजहांपुर और मथुरा की दो कंपनियों को विशेष लाभ मिलेगा।

सरकार का मानना है कि टैक्स राहत से प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल 2022 में संशोधन

कैबिनेट ने जेल मैनुअल में महत्वपूर्ण संशोधन का निर्णय लिया है।
इसके तहत— किसी भी बंदी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होगा।

मैनुअल में कई प्रक्रियात्मक सुधार भी शामिल किए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि यह बदलाव जेल प्रशासन को अधिक पारदर्शी और मानवाधिकार आधारित बनाएंगे।

राम मंदिर संग्रहालय और पर्यटन सेवा नियमावली को मंजूरी

बैठक में राम मंदिर संग्रहालय की स्थापना को भी मंजूरी दी गई, जो आने वाले समय में अयोध्या के धार्मिक-पर्यटन ढांचे का बड़ा केंद्र बनेगा।

साथ ही, मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली 2025 को स्वीकृति दी है। इससे पर्यटन विभाग की प्रशासनिक संरचना मजबूत होगी और भर्ती प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनेगी।

मंडल स्तर पर बनेगा जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र

दिव्यांगजन कल्याण को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कैबिनेट ने प्रदेश के प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) स्थापित करने की मंजूरी दी है।

ये केंद्र दिव्यांगजनों को— उपचार, परामर्श, थेरेपी, सहायक उपकरण, पुनर्वास कार्यक्रम जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएंगे। केंद्रों का संचालन पूरी तरह राज्य सरकार के संसाधनों से होगा।

कुल 20 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक में 21 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 20 पर सहमति दर्ज की गई। सरकार के अनुसार ये निर्णय प्रदेश के सांस्कृतिक विकास, औद्योगिक प्रगति, सामाजिक कल्याण, और प्रशासनिक सुधार
की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए राष्ट्रीय प्रस्तावना के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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