“अमेरिका-ईरान युद्ध में 12वें दिन अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार हवाई हमले किए। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नई चेतावनी दी, जबकि ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।“
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका-ईरान युद्ध लगातार और गंभीर होता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को घोषणा की कि उसने लगातार 12वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों और रक्षा ढांचे पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बना सकता है।
सैन्य ढांचे को निशाना बनाने का दावा
अमेरिकी सेना के अनुसार, ताजा अभियान में ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों, रक्षा संसाधनों और रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को बाधित होने से बचाने के उद्देश्य से की गई है।
ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर हमला किया गया तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई में ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जैसे पुल या बिजली संयंत्रों, को निशाना बना सकता है।
ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबर
ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी ईरान के बुशहर क्षेत्र के आसपास कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि इन विस्फोटों से हुए नुकसान या संभावित हताहतों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कुवैत ने ड्रोन हमले रोकने का किया दावा
कुवैत की सेना ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से आए “शत्रुतापूर्ण” ड्रोन को रोकने की कार्रवाई की है। इससे संकेत मिलते हैं कि संघर्ष का प्रभाव अब खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों तक भी पहुंच रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा विवाद
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका का कहना है कि वह इस मार्ग पर सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए सैन्य अभियान चला रहा है, जबकि ईरान अपने अधिकारों का दावा कर रहा है।
क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा
लगातार हो रहे हवाई हमलों और जवाबी धमकियों के बीच पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









