“UP Crocodile Alert के बीच लखीमपुर-खीरी और बहराइच सहित कई जिलों में आबादी वाले क्षेत्रों में मगरमच्छ पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को नदी, नहर और तालाब से दूर रहने की सलाह देते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है।“
लखनऊ/लखीमपुर-खीरी/बहराइच। UP Crocodile Alert के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आबादी वाले इलाकों में मगरमच्छ पहुंचने की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण मगरमच्छ अपने प्राकृतिक आवास से निकलकर गांवों और रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए वन विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और जल स्रोतों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
लखीमपुर-खीरी में घर के अंदर मिला मगरमच्छ
लखीमपुर-खीरी के दक्षिण निघासन वन रेंज के नौगवां गांव में एक परिवार उस समय दहशत में आ गया, जब घर के भीतर चारपाई के नीचे एक विशाल मगरमच्छ बैठा मिला। परिवार ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए मगरमच्छ को बाहर निकलने से रोके रखा और तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे शारदा नदी में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। इससे पहले रकेहटी गांव में भी सड़क पर घूमते मगरमच्छ का वीडियो सामने आया था, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी।
बहराइच में 10 फीट का मगरमच्छ गांव में पहुंचा
बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र के बेलामकन गांव में करीब 10 फीट लंबा मगरमच्छ आबादी के बीच पहुंच गया। ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। बाद में मगरमच्छ गांव के पास स्थित एक कुएं में गिर गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कई घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकालकर कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के महादेवा ताल में छोड़ दिया।
बारिश में क्यों बढ़ जाता है मगरमच्छ का खतरा?
वन अधिकारियों के अनुसार, बरसात के मौसम में शारदा, घाघरा और अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। तेज बहाव के कारण मगरमच्छ और अन्य जलीय जीव भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में नदियों से निकलकर नहरों, तालाबों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि मानसून के दौरान ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है।
वन विभाग की चेतावनी
दक्षिण निघासन वन रेंज के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बरसात के दौरान नदी, नाला, नहर, तालाब या जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक न जाएं। यदि कहीं मगरमच्छ या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने या छेड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि विशेषज्ञ टीम सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू कर सके।
हाल ही में हुई थी दर्दनाक घटना
वन विभाग ने लोगों को सतर्क करते हुए याद दिलाया कि हाल ही में बहराइच जिले में घाघरा नदी के किनारे एक 12 वर्षीय बालक मगरमच्छ का शिकार हो गया था। इस घटना के बाद विभाग ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और किसानों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
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