“PM Modi France Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रवाना होंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से रक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी। पीएम मोदी G7 Summit 2026 में भी हिस्सा लेकर वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे।“
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से फ्रांस और स्लोवाकिया की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना होंगे। यह दौरा भारत और यूरोपीय देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे तथा जी-7 शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।
फ्रांस में मैक्रों के साथ होगी अहम बैठक
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 13 और 14 जून को फ्रांस के नीस शहर में रहेंगे। 14 जून को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक साझेदारी, निवेश और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे। इस आयोजन में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप, नवाचार संस्थान तथा वेंचर कैपिटल फंड हिस्सा लेंगे।
स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा
फ्रांस दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे। स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर होने वाली यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा होगी।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने स्लोवाक समकक्ष रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, रेलवे निर्माण, ऑटोमोबाइल उद्योग और नई प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष चर्चा होगी।
जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की मजबूत मौजूदगी
स्लोवाकिया यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर फ्रांस लौटेंगे और 16-17 जून को आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान वे जी-7 देशों के नेताओं के साथ-साथ आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों से भी मुलाकात करेंगे।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन और पश्चिम एशिया संकट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। भारत सम्मेलन में ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज के रूप में अपनी भूमिका को मजबूती से रखेगा।
पेरिस में टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप जगत से संवाद
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को पेरिस पहुंचेंगे। यहां वे यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आयोजन ‘वीवाटेक समिट’ में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वे कई द्विपक्षीय बैठकों में भी शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री के पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करने का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा तथा यूरोप के साथ भारत के आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई गति देगा।
संबंधों को नई ऊंचाई देने का प्रयास
विदेश मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री की यह बहुपक्षीय यात्रा फ्रांस, स्लोवाकिया और जी-7 देशों के साथ भारत के संबंधों को और गहरा बनाएगी। साथ ही यह वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव को भी रेखांकित करेगी।
भारत की सक्रिय कूटनीति, तकनीकी नवाचार और आर्थिक क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिहाज से यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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