“Anti Paper Leak Bill 2026 पर लोकसभा में कांग्रेस सांसद KC Venugopal ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने PM Modi और Amit Shah की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक युवाओं के भविष्य और उम्मीदों का संकट है।“
नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को लेकर ईमानदार नहीं है और केवल कानून बनाने से परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं आएगा।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक को पारित करने के लिए तैयार है, लेकिन सरकार को छात्रों की परेशानियों और परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून का विषय नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता का मामला है।
PM मोदी और अमित शाह की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल
लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर देश के शीर्ष नेतृत्व को सदन में मौजूद रहना चाहिए था।
वेणुगोपाल ने कहा,
“प्रधानमंत्री और गृह मंत्री यहां नहीं बैठे हैं क्योंकि उनके मन में अपराधबोध है। वे इस चर्चा का सामना नहीं करना चाहते।”
उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह इस महत्वपूर्ण विधेयक पर जवाब दे रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री देश के युवाओं और सांसदों की बात सुनने के लिए तैयार नहीं हैं।
NEET पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेता ने मई 2026 में हुए NEET-UG पेपर लीक का जिक्र करते हुए सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और इसके बाद छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कार्रवाई की गई।
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार हुए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय सरकार ने उन पर बल प्रयोग किया।
उन्होंने कहा,
“22.8 लाख छात्र NEET-UG परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक हो गया। यह केवल परीक्षा का मामला नहीं बल्कि युवाओं के भरोसे का संकट है।”
CBI, ED और IT जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग का लगाया आरोप
केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले CBI, ED और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों पर लोगों का भरोसा था, लेकिन अब इनका इस्तेमाल राजनीतिक नेताओं और विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए किया जा रहा है।
‘यह कानून नहीं, सिस्टम फेलियर का मामला है’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि वर्ष 2024 में भी सरकार पेपर लीक रोकने के लिए कानून लेकर आई थी और अब फिर संशोधन विधेयक लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए गंभीर नहीं है तो नया कानून भी प्रभावी साबित नहीं होगा।
उन्होंने कहा,
“हम कानून पारित करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर परीक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर नहीं किया गया तो यह कानून किसी काम का नहीं होगा। यह कानून का नहीं बल्कि सिस्टम फेलियर का मामला है।”
‘पेपर लीक युवाओं की उम्मीदों का संकट’
वेणुगोपाल ने अपने भाषण में छात्रों, अभिभावकों और युवाओं की परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए गहने बेचते हैं और वर्षों तक मेहनत करने वाले छात्रों को पेपर लीक की वजह से नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं है बल्कि देश के युवाओं के सपनों से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा,
“यह देश के युवाओं की उम्मीदों का संकट है। जब सरकार युवाओं की उम्मीदों को खत्म करती है तो वह केवल शिक्षा व्यवस्था नहीं बल्कि देश के भविष्य को नुकसान पहुंचाती है।”
छात्र आत्महत्या के आंकड़ों का दिया हवाला
कांग्रेस सांसद ने छात्र आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2014 से छात्रों में आत्महत्या के मामलों में करीब 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में असफलता भी छात्रों की आत्महत्या का एक प्रमुख कारण बन रही है। वेणुगोपाल ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यह स्थिति आपातकाल जैसी है।
‘मनोदर्पण हेल्पलाइन पर लाखों कॉल’
वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्रालय की मनोदर्पण हेल्पलाइन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के मानसिक तनाव को देखते हुए शुरू की गई इस हेल्पलाइन पर मार्च 2026 तक लाखों कॉल आ चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि यह आंकड़े बताते हैं कि देश के छात्र मानसिक दबाव और अनिश्चितता से गुजर रहे हैं।
विपक्ष ने सरकार से मांगी जवाबदेही
लोकसभा में हुई इस बहस के दौरान कांग्रेस ने पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि केवल सख्त कानून बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और मजबूत बनाना होगा।
वहीं सरकार की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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