“केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नए शिक्षा मंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। जानिए पदभार संभालने के बाद उन्होंने क्या कहा और आगे की प्राथमिकताएं क्या होंगी।“
नई दिल्ली। प्रह्लाद जोशी नए शिक्षा मंत्री के रूप में रविवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। उन्हें केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री की जिम्मेदारी के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह बदलाव तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुआ है।
पदभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उसे पूरी निष्ठा, कर्तव्य भावना और विनम्रता के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
पीएम मोदी के मार्गदर्शन में करेंगे काम
मीडिया से बातचीत में प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा क्षेत्र की अन्य योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए वह पूरी क्षमता से काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी उनके लिए महत्वपूर्ण है और वे छात्रों, शिक्षकों तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिला अतिरिक्त प्रभार
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का फैसला किया। सरकार का कहना है कि मंत्रालय का कामकाज बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।
शिक्षा व्यवस्था पर रहेगी सबकी नजर
देशभर में हाल के समय में परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को लेकर हुई चर्चाओं के बीच नए शिक्षा मंत्री के सामने कई अहम चुनौतियां होंगी। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की निगाहें अब इस बात पर होंगी कि मंत्रालय परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।
सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि शिक्षा क्षेत्र में जारी सुधारों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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