NEET 2026: कर्नाटक की छात्रा ने OMR शीट में गड़बड़ी का लगाया आरोप, बोली- 165 सवाल हल किए, रिकॉर्ड में सिर्फ 41 जवाब

NEET UG 2026 OMR Controversy: कर्नाटक के हावेरी की छात्रा बिंदुश्री जगदीश पवार ने OMR शीट में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। छात्रा का दावा है कि उसने 165 सवाल हल किए थे लेकिन OMR में केवल 41 उत्तर दर्ज दिखाए गए। NTA ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को फर्जी बताया है।

हावेरी (कर्नाटक)। NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब कर्नाटक के हावेरी जिले की छात्रा बिंदुश्री जगदीश पवार ने अपनी OMR उत्तर पुस्तिका में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि उसने परीक्षा में 180 में से 165 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी OMR शीट में केवल 41 उत्तर ही दर्ज दिखाई दे रहे हैं।

बिंदुश्री पवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस कथित त्रुटि के कारण उनका स्कोर -11 दर्शाया गया, जबकि अंतिम उत्तर कुंजी (Final Answer Key) के अनुसार उन्हें 668 अंक मिलने चाहिए थे। उन्होंने सरकार से उनकी वास्तविक OMR शीट उपलब्ध कराने की मांग की है।

छात्रा ने सरकार से लगाई न्याय की गुहार

बिंदुश्री पवार का कहना है कि 16 जुलाई को जारी OMR शीट में वास्तविक उत्तर दर्ज नहीं हैं। उनके मुताबिक, यदि उनकी मूल OMR शीट की जांच कराई जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि उन्होंने 165 प्रश्न हल किए थे।

उन्होंने कहा कि गलत OMR के कारण उनका परिणाम पूरी तरह प्रभावित हो गया है और भविष्य भी दांव पर लग गया है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें उनकी वास्तविक OMR शीट उपलब्ध कराई जाए।

NTA ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे OMR विवाद से जुड़े दावों को खारिज कर दिया है।

एजेंसी ने आधिकारिक बयान में कहा कि NEET UG 2026 के परिणाम पूरी तरह सही हैं और सोशल मीडिया पर साझा की जा रही कई OMR शीट की तस्वीरों के साथ डिजिटल छेड़छाड़ की गई है।

NTA के अनुसार, किसी भी वास्तविक OMR शीट में उम्मीदवार का रोल नंबर, टेस्ट बुकलेट नंबर, बारकोड, सीरियल नंबर, टेस्ट बुकलेट कोड, उम्मीदवार की हस्तलिखित जानकारी, अंगूठे का निशान तथा उम्मीदवार और दोनों इनविजिलेटर के हस्ताक्षर मौजूद होते हैं।

फर्जी OMR फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

NTA ने यह भी स्पष्ट किया कि नकली या संशोधित OMR शीट तैयार करना, प्रसारित करना या उसका इस्तेमाल करना Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act, 2024, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत दंडनीय अपराध है।

एजेंसी ने अभ्यर्थियों और आम लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट सामग्री साझा करने से बचें।

विवाद के बीच बढ़ी पारदर्शिता की मांग

NEET UG 2026 परीक्षा पहले से ही विभिन्न विवादों के कारण चर्चा में रही है। ऐसे में कर्नाटक की छात्रा के आरोपों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, फिलहाल NTA ने किसी तकनीकी गड़बड़ी से इनकार किया है और अपने परिणामों को सही बताया है।

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