पश्चिम एशिया संघर्ष की चपेट में भारत, 2026 में 16 भारतीयों की मौत; संसद में सरकार का खुलासा

Middle East War 2026 News: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सरकार ने संसद में बताया कि 2026 में अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 75 घायल हुए हैं। जानिए किन देशों में सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित हुए और सरकार ने क्या जानकारी दी।

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारतीय नागरिकों पर भी गहराता जा रहा है। सरकार ने गुरुवार को संसद को बताया कि वर्ष 2026 में मध्य पूर्व में शुरू हुए संघर्ष के बाद अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 75 भारतीय घायल हुए हैं। मृतकों में 10 भारतीय जहाजी कर्मी भी शामिल हैं, जो संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत थे।

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। सरकार ने कहा कि प्रभावित भारतीयों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

पांच देशों में हुई भारतीयों की मौत

सरकार के अनुसार संघर्ष शुरू होने के बाद विभिन्न देशों में भारतीय नागरिकों की मौत दर्ज की गई है। इनमें सऊदी अरब में एक, कुवैत में दो, ओमान में आठ, इराक में एक और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में चार भारतीय नागरिकों की जान गई है। इन घटनाओं में बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत थे।

75 भारतीय घायल, दूतावास लगातार संपर्क में

विदेश मंत्रालय ने बताया कि संघर्ष के दौरान 75 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। घायलों का स्थानीय अस्पतालों में उपचार कराया गया। संबंधित देशों में स्थित भारतीय दूतावासों ने लगातार पीड़ितों और उनके परिवारों से संपर्क बनाए रखा तथा जरूरतमंद नागरिकों की स्वदेश वापसी और अन्य सहायता सुनिश्चित की।

कतर हादसे में भी गई थी 12 भारतीयों की जान

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि युद्ध से अलग कतर के रास लफ्फान गैस सुविधा केंद्र में हुई एक औद्योगिक दुर्घटना में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी। इन मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत लाने और उनके परिवारों तक पहुंचाने में केंद्र सरकार और भारतीय दूतावासों ने आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।

जहाजी कर्मियों के लिए मुआवजे की व्यवस्था

विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय जहाजी कर्मियों के लिए विशेष राहत व्यवस्था की गई है। युद्ध क्षेत्र में जान गंवाने वाले जहाजी कर्मियों के परिजनों को 10 लाख रुपये का एक्स-ग्रेशिया (अनुग्रह) मुआवजा दिया जा रहा है।

सरकार की नजर हालात पर

सरकार ने संसद को भरोसा दिलाया कि पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारतीय मिशनों को प्रभावित देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकासी और स्वदेश वापसी की व्यवस्था भी की जाएगी।

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