“मेरठ में लूट के आरोपी को 3 हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप में दारोगा और हेड कांस्टेबल पर FIR दर्ज हुई है। आरोपी की मां की शिकायत और CCTV फुटेज से मामले का खुलासा हुआ। यूपी पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल।“
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। लूट के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद एक दारोगा और हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर महज 3 हजार रुपये की रिश्वत लेकर उसे चौकी से फरार कर दिया। मामले का खुलासा आरोपी की मां की शिकायत और चौकी के CCTV फुटेज से हुआ, जिसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोपी की मां की शिकायत से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, नौचंदी थाना क्षेत्र के मकबरा घोसियान निवासी रिहान के खिलाफ लूट के एक मामले में गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी था। अदालत ने उसे निर्धारित समय के भीतर गिरफ्तार कर पेश करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दारोगा अनूप कुमार और हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार ने 12 जून को आरोपी रिहान को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बजाय केसरगंज चौकी में रखा गया और बाद में रिश्वत लेकर छोड़ दिया गया।
इस पूरे मामले की जानकारी तब सामने आई जब आरोपी की मां रिहाना ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की कि उसके बेटे को पुलिस ने पकड़ा था लेकिन बाद में छोड़ दिया गया।
CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी कहानी
शिकायत के बाद पुलिस अधिकारियों ने चौकी के CCTV फुटेज की जांच कराई। जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी को चौकी में लाया गया था और कुछ समय तक हिरासत में भी रखा गया था।
सबसे गंभीर बात यह रही कि आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना न तो वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और न ही इसकी कोई प्रविष्टि जनरल डायरी (GD) में दर्ज की गई। इससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR
मामले की जांच के बाद दारोगा अनूप कुमार और हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार के खिलाफ रेलवे रोड थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों आरोपी पुलिसकर्मी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही मूल आरोपी रिहान की भी तलाश जारी है।
कोर्ट के आदेश की भी हुई अनदेखी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रिहान वर्ष 2023 में दर्ज एक लूट के मामले में वांछित था और अदालत ने उसे 17 जून तक हर हाल में गिरफ्तार कर पेश करने का निर्देश दिया था। वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी दारोगा अनूप कुमार को सौंपी गई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी को पकड़ने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और उसे अवैध रूप से चौकी में रखकर बाद में छोड़ दिया गया।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा
सीओ कैंट विश्व ज्योति राय ने बताया कि आरोपी की मां द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों और CCTV फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल पुलिसकर्मियों और फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
मेरठ में सामने आए इस प्रकरण ने एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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