“लखनऊ में आयोजित आम महोत्सव-2026 के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक आम की किस्मों को जीआई टैग दिलाया जाएगा। उन्होंने किसानों, निर्यातकों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध आमों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश की अधिक से अधिक आम की किस्मों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिलाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे उन्हें वैश्विक बाजार में विशिष्ट पहचान मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम महोत्सव किसानों, उद्यमियों, निर्यातकों और कृषि वैज्ञानिकों को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है, जिसके माध्यम से प्रदेश के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

मलिहाबाद की दशहरी ने बनाई वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मलिहाबाद की प्रसिद्ध दशहरी आम को जीआई टैग मिलने के बाद उसकी पहचान विश्व स्तर पर स्थापित हुई है। इसी मॉडल पर प्रदेश की अन्य प्रमुख आम प्रजातियों को भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार पिछले एक दशक से लगातार आम महोत्सव का आयोजन कर रही है। वर्ष 2017 में आयोजित पहले महोत्सव में जहां सीमित संख्या में आम की प्रजातियां प्रदर्शित की गई थीं, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 800 से अधिक किस्मों तक पहुंच गई है।
800 से अधिक किस्मों ने खींचा लोगों का ध्यान
आम महोत्सव में दशहरी, लंगड़ा, लखनऊ सफेदा, रटौल, अमरपाली समेत प्रदेश की अनेक प्रसिद्ध किस्मों को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रदेश के सभी 18 मंडलों, 75 जिलों और सैकड़ों तहसीलों की मिठास एक ही मंच पर सिमट आई हो।
प्रदर्शनी में 100 ग्राम वजन वाले छोटे आमों से लेकर 2.2 किलोग्राम तक वजन वाले विशाल आम भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस बार आम के साथ ड्रैगन फ्रूट और कमल जैसे उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया है।
किसानों को नए बाजार दिलाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक बड़े कृषि आयोजन में बायर-सेलर मीट आयोजित कर किसानों और उद्यमियों को नए बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास करती है। इस आयोजन में वैज्ञानिक, किसान, स्वयं सहायता समूह, निर्यातक, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि, नर्सरी संचालक और कृषि विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, विपणन और निर्यात से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
कई देशों तक पहुंच चुका यूपी का आम
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश का आम आज संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, बेल्जियम, जापान, इटली और कतर समेत अनेक देशों के बाजारों तक पहुंच चुका है।
प्रदेश सरकार किसानों और निर्यातकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित कर रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके।
“काकोरी ब्रांड” के नाम से मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मलिहाबादी आम को “काकोरी ब्रांड” के रूप में नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि काकोरी के अमर शहीदों की स्मृति को सम्मान देने के उद्देश्य से इस ब्रांड का नामकरण किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से किसानों की मेहनत और प्रदेश के आम की मिठास दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचेगी।
पैक हाउस और टेस्टिंग सुविधाओं का विस्तार
आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सहारनपुर, लखनऊ और वाराणसी में आधुनिक पैक हाउस स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंटीग्रेटेड टेस्टिंग पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे निर्यात प्रक्रिया को और सरल एवं प्रभावी बनाया जा सके।
एआई आधारित खेती और नई तकनीकों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आम उत्पादन में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। फल की गुणवत्ता सुधारने के लिए फ्रूट कवर बैग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जबकि भविष्य में एआई आधारित खेती, गुणवत्ता परीक्षण, फूड प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और आधुनिक पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ना और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना आवश्यक है।
जीआई टैग से बढ़ेगी किसानों की आय
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीआई टैग मिलने से आम की विशिष्ट किस्मों को कानूनी संरक्षण मिलने के साथ उनकी बाजार में अलग पहचान बनेगी और किसानों को बेहतर कीमत प्राप्त होगी। उन्होंने अधिकारियों और विशेषज्ञों से प्रदेश की अधिक से अधिक आम प्रजातियों को जीआई टैग दिलाने के लिए तेजी से कार्य करने का आह्वान किया।
आम महोत्सव-2026 केवल फलों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की कृषि समृद्धि, किसानों की मेहनत और वैश्विक बाजार में प्रदेश की बढ़ती भागीदारी का उत्सव बनकर उभरा है।
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