
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में CM योगी आदित्यनाथ जापानी निवेशकों से मुलाकात करेंगे। 3,191 करोड़ की परियोजनाओं, 10 हजार+ रोजगार और 500 एकड़ Japan City पर फोकस।
लखनऊ।यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश और औद्योगिक साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश के तौर पर सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को नई दिल्ली में जापानी उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ हाई-लेवल CEO Roundtable में शामिल हुए। ताज पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक और भविष्य के औद्योगिक क्षेत्रों पर चर्चा का फोकस रहा। कार्यक्रम 18 से 23 अगस्त तक चल रहा है।
200 से ज्यादा जापानी उद्योग जगत के प्रतिनिधि
UP-Japan Investment Meet 2026 में जापान के 200 से अधिक उद्योगपति, CEO, बिजनेस लीडर्स और नीति निर्माता भाग ले रहे हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी कर रहे हैं।
बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जापानी कंपनियों को प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश सुविधाओं, कनेक्टिविटी और विकसित हो रहे औद्योगिक इकोसिस्टम की जानकारी दी जा रही है।
3,191 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर बड़ा फोकस
निवेश सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण बात YEIDA क्षेत्र में प्रस्तावित दो बड़ी परियोजनाएं हैं। कार्यक्रम में इन परियोजनाओं की वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग भी की गई।
Escorts Kubota की सेक्टर-10 में प्रस्तावित परियोजना में करीब 2,025 करोड़ रुपये के निवेश की बात सामने आई है। इससे 3,800 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
वहीं Minda Corporation सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में दो परियोजनाएं प्रस्तावित कर रही है। इन दोनों परियोजनाओं में कुल 1,166 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और करीब 6,440 रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।
इस तरह दोनों प्रमुख परियोजनाओं का कुल प्रस्तावित निवेश करीब 3,191 करोड़ रुपये बैठता है और रोजगार क्षमता 10 हजार से अधिक है।
500 एकड़ की Japan City का प्लान
बैठक में 500 एकड़ की Japan City की योजना भी प्रमुखता से सामने रखी गई। इसका उद्देश्य जापानी कंपनियों, उनके सप्लायर्स और ancillary units को एक ही औद्योगिक इकोसिस्टम में सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि Japan City के जरिए supply chain integration, technology transfer और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश ने जापान के साथ अपने औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने के लिए automotive manufacturing, electronic components, precision engineering और industrial infrastructure जैसे क्षेत्रों पर पहले से जोर बढ़ाया है। Invest UP के अनुसार यमानाशी के साथ green hydrogen technology और research को लेकर भी सहयोग की दिशा में पहल हुई है।
Green Hydrogen से Semiconductor तक फोकस
UP-Japan Investment Meet 2026 में केवल पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं बल्कि भविष्य की तकनीकों पर भी विशेष जोर है।
बैठक में Green Hydrogen, Renewable Energy, Electric Mobility, Semiconductor, Advanced Materials, Automotive Components, Digital Infrastructure, Data Centres, Technology और Skilled Human Resources जैसे भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इन क्षेत्रों में भारत-जापान साझेदारी के जरिए उत्तर प्रदेश में नई औद्योगिक परियोजनाओं, तकनीकी नवाचार, रोजगार के अवसरों और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
CM योगी ने बताई यूपी की आर्थिक ताकत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मेलन में भारत और जापान के संबंधों को केवल व्यापारिक साझेदारी तक सीमित न बताते हुए साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़कर पेश किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, बजट और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार प्रदेश को One Trillion Dollar Economy की दिशा में आगे बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
योगी ने निवेशकों के सामने उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और औद्योगिक क्षमता को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो, रेल नेटवर्क, फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार निवेश के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है।
जापानी निवेशकों को यूपी की कनेक्टिविटी का भरोसा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को निवेश आकर्षित करने का प्रमुख आधार बताया। उनके अनुसार प्रदेश में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का बड़ा हिस्सा है, 17 एयरपोर्ट हैं और कई शहरों में मेट्रो नेटवर्क विकसित हो चुका है।
राज्य में Dedicated Freight Corridors, logistics hubs और multimodal connectivity के साथ औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। वाराणसी में Urban Public Transport Ropeway परियोजना भी प्रदेश के आधुनिक परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा है।
96 लाख से ज्यादा MSME और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के कारोबारी इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSMEs, 35 हजार से ज्यादा बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक startups काम कर रहे हैं।
कृषि क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने राज्य को देश का food basket बताते हुए खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश के योगदान का उल्लेख किया।
निवेश को जमीन पर उतारने पर जोर
सरकार का फोकस केवल MoU या investment proposals तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक परियोजनाओं में बदलने पर है। यही वजह है कि सम्मेलन में प्रस्तावित परियोजनाओं की ground breaking और industrial ecosystem को मजबूत करने की योजनाओं को प्रमुखता दी गई।
यह पहल उत्तर प्रदेश और जापान के बीच investment, technology, manufacturing और skill development में दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Invest UP के अनुसार उत्तर प्रदेश की जापान रणनीति में automotive, electronics, precision engineering और industrial infrastructure जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है।
इन नेताओं की मौजूदगी
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अश्विनी वैष्णव के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, एके शर्मा, सुनील कुमार शर्मा और जसवंत सिंह सैनी सहित वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल रहे।









