“उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त 2026 से शुरू हो रहा है। विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी, बिजली संकट, बेरोजगारी, किसानों को खाद, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। पढ़ें लखनऊ से यूपी विधानसभा मानसून सत्र की पूरी रिपोर्ट।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। चार दिन तक प्रस्तावित इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, बिजली संकट, बेरोजगारी, किसानों के लिए खाद की उपलब्धता, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। वहीं सरकार ने जनहित के विषयों पर सकारात्मक चर्चा और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।
पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद स्थगित होगी विधानसभा
मानसून सत्र के पहले दिन आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के दिवंगत विधायक आलमबदी को श्रद्धांजलि दी जाएगी। शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी जाएगी। हालांकि विधान परिषद की कार्यवाही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।
पहली बार सदन में गूंजेगा पूरा ‘वंदे मातरम्’
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि इस बार का मानसून सत्र ऐतिहासिक होगा। भारत सरकार की अधिसूचना के अनुरूप पहली बार विधानसभा में पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा। उन्होंने सभी सदस्यों से लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने और स्वस्थ चर्चा के माध्यम से जनहित के मुद्दों को उठाने की अपील की।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस सत्र में सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी की है।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सदन में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, बिजली संकट, किसानों को खाद की उपलब्धता, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। उन्होंने सत्र की अवधि बढ़ाने की भी मांग की ताकि सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हो सके।
कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार सवालों से बचती है। उन्होंने कहा कि महंगाई, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, बिजली, रोजगार और चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा।
सरकार ला सकती है कई नए विधेयक
सरकार पिछले सत्र के बाद जारी किए गए नौ अध्यादेशों के स्थान पर प्रतिस्थानी विधेयक सदन में पेश कर सकती है। इसके अलावा कुछ नए विधेयकों को भी मानसून सत्र के दौरान लाए जाने की संभावना है।
CAG रिपोर्ट और संभल हिंसा आयोग की रिपोर्ट भी होगी पेश
इस मानसून सत्र में भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। इसके साथ ही 24 नवंबर 2024 को संभल में शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी सदन में पेश किए जाने की संभावना है।
अधिष्ठाता मंडल में केतकी सिंह शामिल
विधानसभा के अधिष्ठाता मंडल में बलिया की बांसडीह सीट से भाजपा विधायक केतकी सिंह को शामिल किया गया है। मंत्री बनने के बाद मनोज कुमार पांडेय को इस मंडल से हटाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में अधिष्ठाता मंडल ही सदन की कार्यवाही का संचालन करता है।
राजनीतिक रूप से अहम रहेगा यह सत्र
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहेगा। विपक्ष जहां जनहित और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं सरकार विकास कार्यों और विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर देगी।
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