काशी की संगीत और डाक संस्कृति का अनूठा संगम, बनारस घराने के उस्तादों को समर्पित पोस्टकार्ड लॉन्च

वाराणसी। काशी की समृद्ध संगीत परंपरा और भारतीय डाक संस्कृति का अनूठा संगम सोमवार को वाराणसी में देखने को मिलेगा। बनारस घराने के महान संगीत साधकों को समर्पित विशेष चित्र पोस्टकार्डों के सीमित संस्करण का विमोचन मुख्य डाकघर में आयोजित एक समारोह में किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य काशी की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

पांच महान संगीत विभूतियों को समर्पित होगी विशेष श्रृंखला

पोस्टक्रासिंग वेलफेयर सोसायटी ऑफ इंडिया (पीएसओआई) और उत्तर प्रदेश डाक सर्किल के संयुक्त प्रयास से तैयार की गई इस विशेष श्रृंखला में बनारस घराने की पांच महान विभूतियों को स्थान दिया गया है। इनमें शहनाई सम्राट उस्ताद बिस्मिल्लाह खां, ठुमरी गायिका गिरिजा देवी, तबला वादक पंडित किशन महाराज, शास्त्रीय गायक पंडित राजन मिश्र तथा महान गायिका मां सिद्धेश्वरी शामिल हैं।

इन चित्र पोस्टकार्डों के माध्यम से काशी की समृद्ध संगीत परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्य डाकघर में होगा भव्य विमोचन

विशेष पोस्टकार्ड श्रृंखला का विमोचन सोमवार को वाराणसी के मुख्य डाकघर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया जाएगा। समारोह में डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, संगीत प्रेमियों, डाक टिकट संग्रहकर्ताओं और सांस्कृतिक जगत से जुड़े कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रहेगी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश की पोस्टमास्टर जनरल पद्मगंधा मिश्रा होंगी, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक डॉ. राजेंद्र पाल सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

संगीत और डाक संस्कृति का अनूठा संगम

डाक विभाग का मानना है कि विशेष डाक टिकट और चित्र पोस्टकार्ड केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने का प्रभावी साधन भी हैं। इसी सोच के तहत बनारस घराने के महान कलाकारों को समर्पित यह विशेष श्रृंखला तैयार की गई है।

यह पहल संगीत प्रेमियों के साथ-साथ फिलेटली (डाक टिकट संग्रह) से जुड़े लोगों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।

नई पीढ़ी तक पहुंचेगी काशी की विरासत

आयोजकों का कहना है कि काशी की संगीत परंपरा ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में इन महान कलाकारों के योगदान को चित्र पोस्टकार्डों के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

इन सीमित संस्करण पोस्टकार्डों के जरिए युवा वर्ग को बनारस घराने की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उसके महान कलाकारों के योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।

संग्रहकर्ताओं के लिए होगा खास आकर्षण

डाक विभाग के सहयोग से जारी होने वाली यह विशेष पोस्टकार्ड श्रृंखला संग्रहकर्ताओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सीमित संस्करण होने के कारण इसके पोस्टकार्ड भविष्य में सांस्कृतिक और संग्रहणीय दृष्टि से विशेष महत्व रखते हैं।

काशी की संगीत परंपरा को समर्पित यह पहल न केवल शहर की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती देगी, बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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