महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को ‘गूंगी गुड़िया’ कहने पर कांग्रेस और एनसीपी के बीच राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने टिप्पणी का बचाव किया, जबकि एनसीपी ने इसे महिलाओं का अपमान बताया। जानिए पूरा मामला और दोनों पक्षों की दलीलें।
मुंबई। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर किए गए एक पोस्ट ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। पोस्ट में उनके लिए ‘गूंगी गुड़िया’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वहीं कांग्रेस ने इस टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि यह कोई अपमानजनक या असंसदीय शब्द नहीं है।
कांग्रेस ने दी टिप्पणी की सफाई
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि ‘गूंगी गुड़िया’ कोई गाली या अपमानजनक शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में इसी उपनाम से संबोधित किया गया था, लेकिन उन्होंने अपने नेतृत्व से स्वयं को साबित किया। बाद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनकी प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘दुर्गा’ कहा था।
सपकाल ने कहा कि सुनेत्रा पवार भी अपने कार्यों और नेतृत्व क्षमता से स्वयं को साबित करें।
क्यों किया गया ‘गूंगी गुड़िया’ शब्द का इस्तेमाल?
मुंबई के गांधी भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि हाल ही में बीड जिले में एक कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार के सवाल पूछने पर वहां मौजूद एक जनप्रतिनिधि ने उसे चुप करा दिया था। उनके अनुसार उस समय सुनेत्रा पवार मंच पर मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
कांग्रेस का दावा है कि इसी संदर्भ में उनके लिए ‘गूंगी गुड़िया’ शब्द का प्रयोग किया गया।
कांग्रेस ने लगाए कई राजनीतिक आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय नहीं रखती हैं।
पार्टी ने दावा किया कि कई महत्वपूर्ण घटनाओं और सरकार से जुड़े फैसलों पर भी उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसके कारण उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
एनसीपी ने जताई कड़ी आपत्ति
कांग्रेस की टिप्पणी के बाद एनसीपी कार्यकर्ता मुंबई स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराने लगे।
एनसीपी नेता उमेश पाटिल ने कहा कि किसी महिला नेता के लिए इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस इस तरह की टिप्पणी करके अपने ही राजनीतिक इतिहास का विरोध कर रही है, क्योंकि कभी यही शब्द इंदिरा गांधी के लिए भी इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने कहा कि किसी भी महिला जनप्रतिनिधि के प्रति इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
‘गूंगी गुड़िया’ शब्द का राजनीतिक संदर्भ
‘गूंगी गुड़िया’ शब्द भारतीय राजनीति में पहले भी चर्चा का विषय रहा है। राजनीतिक इतिहास में यह संबोधन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शुरुआती राजनीतिक दौर में उनके आलोचकों द्वारा इस्तेमाल किया गया था। बाद में इंदिरा गांधी ने अपने नेतृत्व और राजनीतिक निर्णयों के आधार पर अपनी अलग पहचान बनाई।
इसी ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला देते हुए कांग्रेस ने अपनी टिप्पणी का बचाव किया है, जबकि एनसीपी का कहना है कि वर्तमान समय में किसी महिला नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अनुचित है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच यह विवाद अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नई बहस का विषय बन गया है। दोनों दल अपने-अपने तर्कों के साथ आमने-सामने हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।







