
“अयोध्या में बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि मानहानि केस पर बाबा रामदेव को लेकर बयान दिया। उन्होंने घी की कीमत और खाद्य पदार्थों में कथित मिलावट पर सवाल उठाए।“
अयोध्या। पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और योग गुरु बाबा रामदेव से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने रामदेव को ‘मिलावटखोरों का सम्राट’ कहा और घी के बाद मिर्च में भी कथित मिलावट को लेकर आरोप लगाए।
हालांकि, खाद्य पदार्थों में मिलावट से संबंधित ये आरोप बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर आधारित हैं। उन्होंने अपने दावों के समर्थन में घी की उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य का गणित भी सामने रखा।
50 करोड़ के मानहानि केस का किया जिक्र
बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि से जुड़े 50 करोड़ रुपये के मानहानि मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2022 में एक कथा कार्यक्रम के दौरान गांव के लोगों से पशुपालन और सब्जी की खेती करने की अपील की थी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से गाय पालने, अपनी सब्जियां उगाने, दूध निकालने और घी तैयार करने की बात कही थी। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर पतंजलि के घी को लेकर भी टिप्पणी की थी।
बृजभूषण के मुताबिक, इस टिप्पणी के बाद आचार्य बालकृष्ण का उनके पास फोन आया। बातचीत के दौरान उन्होंने संतों के सम्मान की बात कही, लेकिन बाद में विवाद बढ़ गया।
’30 किलो दूध से बनता है एक किलो घी’
पूर्व सांसद ने घी की कीमत को लेकर अपना तर्क रखते हुए कहा कि एक किलो घी तैयार करने के लिए करीब 30 किलो दूध की जरूरत होती है। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दूध की कीमत का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि दूध की कीमत 30 रुपये प्रति लीटर भी मानी जाए तो 30 किलो दूध की लागत करीब 900 रुपये बैठती है।
बृजभूषण ने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में घी को करीब 500 रुपये में कैसे बेचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस सवाल का उन्हें जवाब नहीं मिला, लेकिन इसके बाद उनके खिलाफ मानहानि का मामला आ गया।
‘चर्चा होगी तो समाधान भी निकलेगा’
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके अनुसार यह विवाद सकारात्मक चर्चा का विषय बन सकता है। उन्होंने बाजार में नकली घी, नकली तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर चर्चा होगी तो इससे समाधान निकालने में भी मदद मिल सकती है।
इसी क्रम में उन्होंने घी के बाद मिर्च में भी मिलावट होने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने बयान में खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर सवाल उठाए।
अयोध्या में डॉ. अनिल मिश्र का किया सम्मान
अयोध्या दौरे के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने डॉ. अनिल मिश्र से भी मुलाकात की। धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्र को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस दौरान बृजभूषण ने उनके कंधे पर हाथ रखा और शेर भी सुनाया। यह मुलाकात भी इसलिए चर्चा में रही क्योंकि इससे पहले मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और कुछ सदस्यों को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने सवाल उठाए थे।
राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर पहले भी उठा चुके हैं सवाल
बृजभूषण शरण सिंह अयोध्या और श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों पर पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखते रहे हैं। मंदिर से संबंधित चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद उन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और आरोपों में घिरे लोगों को लेकर सवाल उठाए थे।
अब अयोध्या दौरे में उनकी डॉ. अनिल मिश्र से मुलाकात और सम्मान किए जाने को उनके मौजूदा रुख के संदर्भ में देखा जा रहा है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर बयान फिर चर्चा में
बृजभूषण शरण सिंह के ताजा बयान में एक ओर पतंजलि से जुड़े मानहानि विवाद का जिक्र है, वहीं दूसरी ओर खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा उठाया गया है। उन्होंने घी की कीमत को लेकर अपने तर्क के आधार पर सवाल खड़े किए और मिर्च में भी कथित मिलावट का आरोप लगाया।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। ऐसे में मिलावट संबंधी दावों को बृजभूषण शरण सिंह के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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