“Lucknow Police Workshop में पुलिस नागरिक संवाद में Emotional Intelligence की भूमिका पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। 81 पुलिसकर्मियों को व्यवहार, जनसुनवाई, महिला सहायता और संवेदनशील मामलों के निस्तारण की ट्रेनिंग दी गई।“
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का विषय था “पुलिस नागरिक संवाद में इमोशनल इंटेलिजेंस की भूमिका”। कार्यक्रम का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ स्थित संगोष्ठी सदन में किया गया।
यह पहल पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास, संवेदनशीलता और सकारात्मक व्यवहार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजन
कार्यक्रम संयुक्त पुलिस आयुक्त श्रीमती अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त श्री बबलू कुमार, तथा पुलिस उपायुक्त श्री अमित कुमावत के प्रभावी मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यशाला का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त (महिला अपराध/ट्रेनिंग सेल) सुश्री सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
81 पुलिसकर्मियों ने लिया भाग
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में कुल 81 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें थाना स्तर पर नियुक्त उपनिरीक्षक और महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला आरक्षियों को विशेष रूप से शामिल किया गया।

विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग
कार्यशाला में डॉ. अंजली मिश्रा और डॉ. हरीम फातिमा नोमानी, असिस्टेंट प्रोफेसर, लखनऊ यूनिवर्सिटी ने प्रशिक्षण सत्र संचालित किया।
विशेषज्ञों ने पुलिसकर्मियों को बताया कि नागरिकों की भावनाओं को समझना, तनावपूर्ण हालात में संयम बनाए रखना और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करना आधुनिक पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

किन विषयों पर हुई ट्रेनिंग?
प्रशिक्षण के दौरान निम्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई:
- इमोशनल इंटेलिजेंस की अवधारणा
- पुलिस कार्यप्रणाली में भावनात्मक समझ की भूमिका
- तनावपूर्ण परिस्थितियों में व्यवहार प्रबंधन
- नागरिकों से संवेदनशील संवाद कैसे करें
- जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण में सहानुभूति
- कम्युनिटी पुलिसिंग में विश्वास निर्माण
केस स्टडी से सिखाए गए व्यावहारिक तरीके
कार्यशाला में प्रतिभागियों को वास्तविक घटनाओं और केस स्टडी के माध्यम से बताया गया कि कठिन परिस्थितियों में कैसे शांत रहकर संवाद स्थापित किया जाए और जनता की समस्याओं का बेहतर समाधान किया जाए।
क्यों अहम है यह पहल?
आज के दौर में पुलिस से सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और भरोसेमंद व्यवहार की भी अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यह प्रशिक्षण पुलिस छवि सुधारने और जनता से रिश्ते मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की यह पहल भविष्य में जनसुनवाई, महिला सहायता और संवेदनशील मामलों के निस्तारण को और प्रभावी बना सकती है। Emotional Intelligence आधारित पुलिसिंग आने वाले समय की जरूरत बनती जा रही है।
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