‘ड्यूटी पर रील मत बनाओ’, सीएम योगी की पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को सख्त नसीहत

बोले- रीलबाजी से लोग सिस्टम पर उठाते हैं उंगली, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ करें काम; कानून व्यवस्था पर भी दिया कड़ा संदेश

लखनऊ में 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान रील न बनाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां अनुशासनहीनता हैं और इससे सिस्टम की छवि प्रभावित होती है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को कड़ी नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए ड्यूटी के समय रील बनाना अनुशासनहीनता का हिस्सा है और इससे न केवल कर्मचारी स्वयं हंसी का पात्र बनते हैं, बल्कि पूरे सिस्टम की छवि भी प्रभावित होती है।

मुख्यमंत्री ने यह बात बुधवार को राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों में चयनित 930 नवनियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित कर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजकल ड्यूटी के दौरान रील बनाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जबकि उस समय कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग और गंभीर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा का उद्देश्य जनता को बेहतर सेवाएं देना है, न कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करना।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे हम अनावश्यक रूप से हंसी का पात्र बनें। जब कर्मचारी ड्यूटी छोड़कर रील बनाने में व्यस्त रहते हैं तो लोगों को पूरे सिस्टम पर उंगली उठाने का अवसर मिल जाता है। इससे संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।”

उन्होंने कर्मचारियों को सलाह देते हुए कहा कि जिस व्यक्ति की जहां जिम्मेदारी है, उसे पूरी निष्ठा के साथ अपना कार्य करना चाहिए। जब हर व्यक्ति अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाएगा तो उसके सकारात्मक परिणाम स्वतः दिखाई देंगे। उन्होंने टीम भावना के साथ काम करने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान दंगे और उपद्रव की घटनाएं आम थीं, लेकिन वर्तमान में स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने मुरादाबाद की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब भीड़ ने डीआईजी स्तर के अधिकारी पर हमला कर दिया था, लेकिन अब प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और जवाबदेह बनी है।

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों की रीलें अक्सर वायरल होती रहती हैं। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक अनुशासन और कार्य संस्कृति को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतना चाहती और इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button