
“उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मजदूरी संहिता-2025 को मंजूरी दे दी है। अब हर कर्मचारी को न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, नौकरी छोड़ने पर दो दिन में बकाया वेतन और समान काम के लिए समान वेतन मिलेगा। जानिए नए नियमों की पूरी जानकारी।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता-2025 (UP Wage Code 2025) को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य में किसी भी कर्मचारी को तय न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) से कम वेतन नहीं दिया जा सकेगा।
इसके साथ ही निर्धारित समय से अधिक काम लेने पर ओवरटाइम का भुगतान सामान्य मजदूरी की दोगुनी दर से करना अनिवार्य होगा।
नौकरी छोड़ने पर दो दिन में मिलेगा बकाया
नई संहिता के अनुसार यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है या उसकी सेवा समाप्त होती है, तो नियोक्ता को दो कार्य दिवस के भीतर उसका पूरा बकाया वेतन चुकाना होगा।
यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी बकाया राशि उसके नामित व्यक्ति या वैधानिक उत्तराधिकारी को दी जाएगी।
समान काम का समान वेतन
नई व्यवस्था में महिला और पुरुष कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा:
- वेतन देने से पहले वेतन पर्ची (Salary Slip) देना अनिवार्य होगा।
- संविदा श्रमिकों की मजदूरी और बोनस भुगतान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी मुख्य नियोक्ता की होगी।
न्यूनतम मजदूरी कैसे होगी तय?
सरकार के अनुसार न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करते समय इन आधारों को ध्यान में रखा जाएगा:
- कर्मचारी का कौशल (Skill Level)
- कार्य की प्रकृति
- कार्यस्थल का भौगोलिक क्षेत्र
राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा तय फ्लोर वेज (Floor Wage) से कम न्यूनतम मजदूरी निर्धारित नहीं कर सकेगी।
बेसिक पे और सामाजिक सुरक्षा
नई संहिता के तहत:
- कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत बेसिक पे होगा।
- इससे PF, ESIC और ग्रेच्युटी जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में कर्मचारियों को अधिक लाभ मिलने की संभावना है।
- वेतन से वैधानिक कटौती 50 प्रतिशत से अधिक नहीं की जा सकेगी।
नियोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ
नई मजदूरी संहिता के तहत नियोक्ताओं के लिए भी अनुपालन प्रक्रिया सरल बनाई गई है।
मुख्य प्रावधान:
- अलग-अलग श्रम कानूनों की जगह एकीकृत व्यवस्था।
- रजिस्टर और अभिलेख इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने की सुविधा।
- ऑनलाइन और जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली।
- विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपील का प्रावधान।
- निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता द्वारा मार्गदर्शन और अनुपालन सुनिश्चित करने की व्यवस्था।
केंद्र की चार श्रम संहिताओं के अनुरूप नियम
केंद्र सरकार पहले ही 29 श्रम कानूनों को समाहित कर चार नई श्रम संहिताएं (Labour Codes) अधिसूचित कर चुकी है। उत्तर प्रदेश ने इन्हीं के अनुरूप अपनी मजदूरी संहिता-2025 तैयार की है, जिसमें न्यूनतम मजदूरी, वेतन भुगतान, समान पारिश्रमिक और बोनस से जुड़े प्रावधानों को एकीकृत किया गया है।







