भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। गौरीफंटा बॉर्डर पर अब केवल आधार कार्ड के आधार पर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। यात्रियों को पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र या अधिकृत प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य होगा।
लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल सीमा से नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। अब सिर्फ आधार कार्ड दिखाकर नेपाल में प्रवेश नहीं किया जा सकेगा। लखीमपुर खीरी के गौरीफंटा स्थित त्रिनगर बॉर्डर पर शुक्रवार से नए दिशा-निर्देशों के तहत दस्तावेजों की जांच को सख्त कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिकों को निर्धारित वैध पहचान दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। केवल आधार कार्ड लेकर सीमा पर पहुंचने वाले यात्रियों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?
सीमा पर लागू नई व्यवस्था के अनुसार भारतीय नागरिकों को नेपाल प्रवेश के लिए पासपोर्ट, भारत निर्वाचन आयोग का मतदाता पहचान पत्र या भारतीय दूतावास की ओर से जारी वैध प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
इसका मतलब है कि यात्रा से पहले लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास निर्धारित दस्तावेज मौजूद हों। केवल आधार कार्ड के भरोसे सीमा तक पहुंचने पर उन्हें वापस लौटना पड़ सकता है।
गौरीफंटा बॉर्डर पर शुरू हुई सख्ती
शुक्रवार को नए नियम लागू होते ही गौरीफंटा स्थित त्रिनगर सीमा पर दस्तावेजों की जांच तेज कर दी गई। सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान यात्रियों के दस्तावेजों की जांच करते रहे।
इस दौरान कई ऐसे यात्री भी सीमा पर पहुंचे, जिनके पास पहचान के लिए केवल आधार कार्ड था। निर्धारित दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें नेपाल जाने की अनुमति नहीं मिली और वापस लौटना पड़ा।
वर्षों से आधार के सहारे नेपाल आने-जाने वालों को परेशानी
नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ा, जो लंबे समय से आधार कार्ड के आधार पर नेपाल आते-जाते रहे हैं। सीमा पर पहुंचने के बाद जब उन्हें नए नियमों की जानकारी मिली तो कई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई लोगों ने बताया कि उन्हें इस बदलाव की जानकारी नहीं थी। पर्याप्त दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी।
एसएसबी ने यात्रियों को किया जागरूक
सीमा पर तैनात एसएसबी की सीजीडी काजल कुमारी ने बताया कि शुक्रवार से नए दिशा-निर्देश प्रभावी कर दिए गए हैं। अब नेपाल जाने वाले प्रत्येक यात्री को निर्धारित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र अथवा अधिकृत वैध प्रमाणपत्र के बिना किसी व्यक्ति को सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आधार कार्ड को यात्रा दस्तावेज के तौर पर मान्यता नहीं
बताया जा रहा है कि नेपाल की ओर से आधार कार्ड को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता नहीं दिए जाने के बाद सीमा पर जांच व्यवस्था को सख्त किया गया है। हालांकि, यात्रियों के लिए यह अंतर समझना जरूरी है कि आधार कार्ड भारत में व्यापक पहचान दस्तावेज है, लेकिन किसी दूसरे देश में प्रवेश के लिए अलग यात्रा दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है।
इसी वजह से नेपाल जाने वाले यात्रियों को सीमा पर निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
सीमा सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार दस्तावेज जांच को सख्त करने का उद्देश्य भारत-नेपाल की खुली सीमा पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है। इसके साथ ही अवैध आवाजाही रोकने और यात्रियों की पहचान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सीमा क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए दस्तावेज सत्यापन को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एसएसबी जवानों को यात्रियों की पहचान और दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रा से पहले दस्तावेज जरूर जांच लें
गौरीफंटा बॉर्डर पर शुक्रवार को दिनभर यात्रियों की आवाजाही बनी रही। नए नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण कई लोग सीमा से वापस लौटे। ऐसे में सीमा सुरक्षा बल ने लोगों से अपील की है कि नेपाल जाने से पहले अपने दस्तावेजों की जांच कर लें।
यात्रियों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे केवल आधार कार्ड के भरोसे नेपाल यात्रा की योजना न बनाएं और सीमा पार करने के लिए स्वीकार्य दस्तावेज अपने साथ रखें। इससे बॉर्डर पर अनावश्यक परेशानी और यात्रा में देरी से बचा जा सकेगा।
भारत-नेपाल सीमा पर यात्रियों के लिए अहम बदलाव
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत आसान रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग कारोबार, रोजगार, रिश्तेदारी और अन्य कारणों से दोनों देशों के बीच यात्रा करते हैं। ऐसे में दस्तावेजों की नई व्यवस्था का सीधा असर सीमावर्ती इलाकों के यात्रियों पर पड़ सकता है।
गौरीफंटा सीमा पर नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे नेपाल जाने से पहले स्वीकार्य दस्तावेज अपने पास रखें। केवल आधार कार्ड के साथ सीमा पर पहुंचने पर प्रवेश नहीं मिलने की स्थिति से बचने के लिए यात्रा से पहले नियमों की जानकारी लेना जरूरी होगा।








