लखनऊ में चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश, डिलीवरी बॉय और ऑटो चालक समेत तीन गिरफ्तार; 3 लाख की ज्वैलरी बरामद

Lucknow Chain Snatching: मड़ियांव पुलिस ने बुजुर्ग महिलाओं और राहगीरों को निशाना बनाने वाले तीन चेन स्नैचरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 3 लाख रुपये की दो सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई है।

लखनऊ। मड़ियांव पुलिस ने बुजुर्ग महिलाओं और राहगीरों को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक डिलीवरी बॉय और एक ऑटो-विक्रम चालक भी शामिल है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी महंगे शौक और जुए की लत पूरी करने के लिए लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। उनके कब्जे से करीब तीन लाख रुपये कीमत की दो सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल स्पेलिंडर बाइक बरामद की गई है।

ई-रिक्शा से घर लौट रही बुजुर्ग को बनाया था निशाना

डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद के मुताबिक, बालाजी एन्क्लेव निवासी मोहित अवस्थी ने 8 अगस्त को मड़ियांव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार एक बुजुर्ग महिला ई-रिक्शा से घर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन छीन ली और फरार हो गए।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके बाद मिले इनपुट के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

11 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने यादव चौराहे के पास नाकेबंदी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

डिलीवरी बॉय और ऑटो चालक भी गिरोह में शामिल

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इम्तियाज, निवासी पारा और विक्रम चालक, देवेंद्र सिंह, निवासी राजाजीपुरम/हरदोई और अरुण त्रिपाठी, निवासी पारा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार अरुण डिलीवरी बॉय का काम करता था, जबकि अन्य आरोपी ऑटो-विक्रम चलाते थे।

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे छीने गए जेवर और मोबाइल राहगीरों को सस्ते दामों में बेच देते थे। इससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल जुआ खेलने और अपने महंगे शौक पूरे करने में करते थे।

मोबाइल का लॉक नहीं खुला तो झाड़ियों में फेंक दिया

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने करीब दो महीने पहले आईआईएम रोड से एक व्यक्ति का मोबाइल फोन छीनने की बात भी कबूल की। आरोपियों ने मोबाइल का लॉक खोलने की काफी कोशिश की, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो उन्होंने फोन को यादव चौराहे के पास झाड़ियों में फेंक दिया।

आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार तीनों आरोपी पहले से ही आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं।

  • इम्तियाज के खिलाफ ठाकुरगंज और उन्नाव में पॉक्सो एक्ट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत पांच गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
  • देवेंद्र सिंह के खिलाफ मोहनलालगंज और उन्नाव में आर्म्स एक्ट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट समेत सात मुकदमे दर्ज हैं।
  • अरुण त्रिपाठी के खिलाफ चोरी और जालसाजी के चार मुकदमे पहले से दर्ज बताए गए हैं।

मड़ियांव पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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