“झांसी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में बेटियों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं से रानी लक्ष्मीबाई की तरह साहस रखने को कहा।“
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें आत्मविश्वास और साहस के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की तरह हिम्मत रखनी चाहिए और हर चुनौती का डटकर सामना करना चाहिए।
मेधावी छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति पदक प्रदान करने पहुंचीं राज्यपाल ने छात्राओं से कहा कि उन्हें अपने भीतर इतनी ताकत विकसित करनी चाहिए कि कोई उन्हें कमजोर समझने या परेशान करने की कोशिश न कर सके। उन्होंने बेटियों को आत्मरक्षा के साथ-साथ शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर भी ध्यान देने की सीख दी।
‘कोई परेशान करे तो ठोक दो’
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अपने आप में ताकत बनो और हर चुनौती का सामना करो। उन्होंने झांसी की धरती और रानी लक्ष्मीबाई के साहस का उल्लेख करते हुए बेटियों को निर्भीक रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। किसी भी तरह की परेशानी या अन्याय का सामना होने पर चुप रहने के बजाय उसका मजबूती से मुकाबला करना चाहिए।
राज्यपाल के इस संदेश का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करना रहा।
छोटे बच्चों की गलतियों को माफ करने की अपील
दीक्षा समारोह के दौरान राज्यपाल ने समाज को छोटे बच्चों के प्रति संवेदनशील होने का भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों से यदि कोई भूल हो जाए तो उसे हमेशा अपराध की तरह नहीं देखना चाहिए। उनकी गलती को माफ कर उन्हें दोबारा अपनाने और सही रास्ते पर आगे बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य के निर्माण में परिवार तथा समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए बच्चों को गलती पर केवल दंडित करने के बजाय उन्हें समझाने और सुधारने का प्रयास भी किया जाना चाहिए।
विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग व्यवस्था पर सवाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उच्च शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालयों को मिलने वाले अनुदान की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और केंद्र सरकार की अन्य वित्तीय संस्थाओं की अनुदान प्रणाली का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालयों के मूल्यांकन और वित्तीय सहायता के बीच संबंध पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) में उच्च ग्रेड हासिल किए हैं। इनमें बुंदेलखंड विश्वविद्यालय भी शामिल है। ऐसे विश्वविद्यालयों को बेहतर प्रदर्शन के आधार पर अनुदान मिला है।
NAAC व्यवस्था बंद होने से अनुदान पर चिंता
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों ने NAAC में सर्वोच्च ग्रेड हासिल किया था, लेकिन अब NAAC व्यवस्था बंद कर दी गई है। इससे विश्वविद्यालयों के मूल्यांकन की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं और भविष्य में उन्हें मिलने वाले अनुदान पर भी असर पड़ सकता है।
उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता के निष्पक्ष मूल्यांकन को जरूरी बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन और उपलब्धियों के आधार पर वित्तीय सहायता की व्यवस्था होनी चाहिए।
780 करोड़ रुपये के अनुदान का किया उल्लेख
राज्यपाल ने अनुदान व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय समेत प्रदेश के उन विश्वविद्यालयों को, जिन्होंने NAAC में उच्च ग्रेड हासिल किए थे, कुल मिलाकर करीब 780 करोड़ रुपये का अनुदान मिला।
इसके साथ ही उन्होंने एक ऐसे विश्वविद्यालय को करीब 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिए जाने का भी उल्लेख किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि उसने अपेक्षित उपलब्धियां हासिल नहीं की थीं।
राज्यपाल ने इस तरह की अनुदान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को आर्थिक सहायता देने में उनके प्रदर्शन, गुणवत्ता और उपलब्धियों को उचित महत्व दिया जाना चाहिए।
दीक्षा समारोह में छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाया
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति पदक प्रदान किए गए। इस दौरान राज्यपाल ने विद्यार्थियों को शिक्षा पूरी करने के बाद समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की सीख दी।
उन्होंने छात्राओं को विशेष रूप से आत्मविश्वासी, साहसी और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। झांसी की ऐतिहासिक धरती और रानी लक्ष्मीबाई की वीरता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में खुद को कमजोर न समझें और जीवन में आने वाली चुनौतियों का मजबूती से सामना करें।









