
UP Youth Policy 2026: स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जल्द नई यूथ पॉलिसी लाने का ऐलान किया। नीति में युवाओं के Skill, Innovation, Employment, AI, Machine Learning और Entrepreneurship पर फोकस होगा।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। UP Youth Policy 2026 को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ा ऐलान किया है। लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही नई Youth Policy लेकर आएगी। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के कौशल, नवाचार और रोजगार को एकीकृत रणनीति के साथ आगे बढ़ाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा ही उत्तर प्रदेश की असली शक्ति है। सरकार प्रदेश के डेमोग्राफिक डिविडेंड को विकास के इंजन में बदलने की दिशा में काम कर रही है। उनका जोर इस बात पर रहा कि युवाओं के हाथ में केवल डिग्री नहीं, बल्कि ऐसा कौशल होना चाहिए जो उन्हें रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसरों से जोड़ सके।
Gen-Z और Gen-Alpha के लिए नई तकनीक पर फोकस
नई UP Youth Policy में बदलती तकनीकी जरूरतों को महत्वपूर्ण स्थान मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से Artificial Intelligence (AI), Machine Learning और Defence Manufacturing जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया। इसका सीधा संकेत है कि आने वाले समय में प्रदेश की युवा नीति को पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ भविष्य की तकनीक और नए उद्योगों की जरूरतों से जोड़ा जाएगा।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एकीकृत युवा नीति तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसमें शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार, डिजिटल सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, खेल, नेतृत्व विकास तथा संस्कृति जैसे क्षेत्रों को समग्र रूप से शामिल करने की बात सामने आई थी। नीति निर्माण में 16 से 35 वर्ष के युवाओं की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझने तथा विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप उद्यमियों और युवा पेशेवरों की भागीदारी पर भी जोर दिया गया था।
रोजगार के साथ उद्यमिता पर भी जोर
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें Job Creator बनाने की दिशा में भी सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के MSME पोर्टल के अनुसार इस योजना में पात्र युवाओं को ₹5 लाख तक के ब्याजमुक्त ऋण की सहायता का प्रावधान है।
इसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार और छोटे उद्यमों से जोड़ना है, ताकि रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं की संख्या के साथ-साथ रोजगार पैदा करने वाले युवा उद्यमियों का आधार भी मजबूत हो।
‘अराजकता और अशिक्षा’ के खिलाफ योगी का संदेश
स्वतंत्रता दिवस संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का भी उल्लेख किया जिसमें देश के विकास के लिए अराजकता और अशिक्षा जैसी चुनौतियों पर विजय पाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि देश को बांटने और कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना जरूरी है।
योगी ने युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों को विकास की प्राथमिक धुरी बताते हुए कहा कि इनके लिए निष्ठा से काम करने पर परिणाम और बेहतर होंगे।
योगी ने युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों को विकास की प्राथमिक धुरी बताते हुए कहा कि इनके लिए निष्ठा से काम करने पर परिणाम और बेहतर होंगे।
विधान भवन पर ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित विधान भवन पर ध्वजारोहण किया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। ब्रज क्षेत्र सहित उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के कलाकारों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
ध्वजारोहण के बाद हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। समारोह के समापन पर बच्चों ने तिरंगे वाले गुब्बारे हवा में उड़ाए।
मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का केंद्र जहां राष्ट्र निर्माण और सामाजिक एकता रहा, वहीं नई UP Youth Policy की घोषणा ने प्रदेश के युवाओं के लिए आने वाले वर्षों की नीति दिशा को लेकर नई उम्मीद पैदा की है।
यूपी में युवा नीति का संभावित रोडमैप
नई नीति के जरिए सरकार का फोकस युवाओं को शिक्षा से कौशल, कौशल से रोजगार और रोजगार से उद्यमिता व नवाचार की ओर ले जाने पर हो सकता है। खास तौर पर AI और अन्य नई तकनीकों के विस्तार के दौर में युवाओं को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करना नीति का अहम हिस्सा बन सकता है।
सरकार की मौजूदा दिशा को देखते हुए Skill Development, Employment, Entrepreneurship, Innovation, Digital Empowerment, Sports और Leadership Development जैसे क्षेत्र नई युवा नीति के महत्वपूर्ण स्तंभ हो सकते हैं। हालांकि नई नीति का अंतिम स्वरूप और उसके विस्तृत प्रावधान सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किए जाने के बाद ही स्पष्ट होंगे।




