UP विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से, 4 अगस्त को पेश होगा अनुपूरक बजट; 6 अगस्त को होगी चर्चा और मतदान

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा। 4 अगस्त को वित्त वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जबकि 6 अगस्त को उस पर चर्चा और मतदान होगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होकर 6 अगस्त तक चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से चार दिवसीय सत्र का तिथिवार कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इस सत्र में शोक प्रस्ताव, अनुपूरक बजट, विधायी कार्यों और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

वित्तीय और विधायी दृष्टि से इस सत्र को काफी अहम माना जा रहा है। सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक अनुदानों की मांगें सदन में रखी जाएंगी।

पहला दिन: दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि देकर स्थगित होगी कार्यवाही

सत्र का पहला दिन 3 अगस्त (सोमवार) शोक प्रस्ताव के लिए निर्धारित किया गया है। इस दिन आजमगढ़ से विधायक आलम बदी के निधन पर सदन में शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके बाद दिवंगत आत्मा की शांति के लिए विधानसभा में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश के बाद पहले दिन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी।

दूसरा दिन: सदन में पेश होगा अनुपूरक बजट

मानसून सत्र का दूसरा दिन 4 अगस्त (मंगलवार) वित्तीय कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होगा। दोपहर 12:20 बजे वित्त वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगें विधानसभा के पटल पर रखी जाएंगी।

इसे ही राज्य सरकार का अनुपूरक बजट माना जा रहा है। इसके अलावा इस दिन अध्यादेशों, अधिसूचनाओं और नियमों को सदन के पटल पर रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर नए विधेयकों को भी प्रस्तुत किया जा सकता है।

तीसरे दिन: विधेयकों पर होगी चर्चा

सत्र के तीसरे दिन 5 अगस्त (बुधवार) को विधायी कार्य किए जाएंगे। इस दौरान लंबित और नए विधेयकों पर चर्चा होगी और उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सरकार की ओर से आवश्यक विधायी कार्य भी इसी दिन पूरे किए जाने की संभावना है।

अंतिम दिन: अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान

सत्र का अंतिम दिन 6 अगस्त (गुरुवार) सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। इस दिन वित्त वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगों पर विस्तृत चर्चा होगी।

चर्चा के बाद मांगों पर विचार और मतदान कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित विनियोग विधेयक सदन में पेश किया जाएगा, जिस पर चर्चा के बाद उसे पारित कराया जाएगा।

विकास योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं के लिए मांगा जाएगा अतिरिक्त बजट

माना जा रहा है कि अनुपूरक बजट में सरकार विकास योजनाओं, आपदा राहत, कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और अन्य जरूरी क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान कर सकती है।

इसमें प्रदेश की मौजूदा योजनाओं को गति देने और नई जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट की मांग शामिल होगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने की सदस्यों से अपील

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी सदस्यों से समय पर सदन में उपस्थित रहने और सार्थक चर्चा में भाग लेने की अपील की है।

चार दिन का यह मानसून सत्र भले ही छोटा है, लेकिन वित्तीय फैसलों और आगामी योजनाओं के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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