“कैप्टन आशीष कुमार के होर्मुज स्ट्रेट में मिसाइल हमले के बाद लापता होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। DNA जांच, फिरौती कॉल और WhatsApp एक्टिविटी ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।“
नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमले के बाद लापता हुए भारतीय जहाज MT स्काईलाइट के कैप्टन आशीष कुमार को लेकर रहस्य बरकरार है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से मामले में स्थिति स्पष्ट करने और कैप्टन का पता लगाने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
कैप्टन आशीष कुमार 1 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट में अपने जहाज पर हुए मिसाइल हमले के बाद से लापता हैं। हमले के बाद उनके केबिन में आग लग गई थी। शुरुआती तौर पर वहां मिले अवशेषों के आधार पर उन्हें मृत मान लिया गया था, लेकिन बाद में हुई DNA जांच में अवशेष कैप्टन आशीष के नहीं पाए गए। इसके बाद उनकी स्थिति को लेकर नया सवाल खड़ा हो गया।
पत्नी ने किया जीवित होने का दावा
कैप्टन आशीष की पत्नी अंशु कुमारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि उनके पति के जीवित होने की संभावना है। याचिका में कहा गया है कि घटना के करीब तीन दिन बाद उन्हें UAE और पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय नंबरों से 20 लाख रुपये की फिरौती के लिए फोन आए थे।
पत्नी के मुताबिक, जहाज के नष्ट होने के कई घंटे बाद तक कैप्टन के फोन पर WhatsApp संदेश भी आते रहे। इसके अलावा, उनका WhatsApp प्रोफाइल 31 मार्च को मैन्युअली डिलीट किए जाने का भी दावा किया गया है।
SC ने केंद्र से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। अदालत ने केंद्र सरकार से कैप्टन आशीष कुमार का पता लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मांगी है।
केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि मामले में सोमवार तक जवाब दाखिल किया जाएगा।
अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कैप्टन आशीष कुमार की तलाश में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और उनके लापता होने के मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ी है।









