लखनऊ में मदरसा संचालक की दो लाख की सुपारी देकर हत्या की साजिश, दो वकील और मैनेजर समेत छह गिरफ्तार

लखनऊ में मदरसा संचालक इरफान अहमद की हत्या की साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दो लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराने की योजना थी। पुलिस ने दो वकीलों, मदरसा मैनेजर और दो शूटरों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मदरसा संचालक की हत्या की सनसनीखेज साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। हजरतगंज कोतवाली और सेंट्रल जोन सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फरीदीपुर स्थित मदरसे और संचालक की अन्य बेशकीमती संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए हत्या की साजिश रची गई थी।

आरोपितों ने मदरसा संचालक इरफान अहमद रिजवी की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी देकर दो पेशेवर शूटरों को तैयार किया था। शूटर चोरी की बाइक से इरफान की रेकी कर रहे थे। पुलिस ने समय रहते दोनों को पकड़ लिया, जिससे हत्या की वारदात टल गई।

रेकी के दौरान पकड़े गए दो शूटर

पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त को हजरतगंज पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके आधार पर रिवेरा कॉलोनी के पास से मो. शाहिद और मो. जमीर को गिरफ्तार किया गया।

तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और चोरी की पैशन प्लस मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर हत्या की साजिश का खुलासा किया।

फोटो दिखाकर दी गई थी हत्या की सुपारी

पूछताछ में शूटरों ने पुलिस को बताया कि उन्हें सहादतगंज निवासी अमन कुरैशी ने इरफान अहमद रिजवी की फोटो दिखाकर उनकी हत्या के लिए भेजा था। रेकी और वारदात के लिए इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल इंदिरा नगर मेट्रो स्टेशन के पास से चोरी की गई थी।

पुलिस के मुताबिक, शूटरों की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर मुख्य सूत्रधार अमन कुरैशी तक पहुंच बनाई गई। उसे 21 अगस्त को लक्ष्मण मेला पार्क से गिरफ्तार किया गया।

मदरसा मैनेजर और दो वकीलों ने रची थी साजिश

जांच में सामने आया कि कथित साजिश में मदरसा मैनेजर और दो अधिवक्ता भी शामिल थे। पुलिस ने बैकुंठ धाम बंधा रोड के पास से सोहैल अहमद सिद्दीकी, मो. फरहान सिद्दीकी और मदरसा मैनेजर बिलाल हाशमी को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, बिलाल हाशमी लंबे समय से इरफान अहमद के मदरसे का प्रबंधन संभाल रहा था। इस वजह से उसे मदरसे से जुड़े संपत्ति दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की जानकारी थी।

संपत्ति पर कब्जे के लिए हत्या की योजना का आरोप

पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि आरोपियों की नजर मदरसा संचालक की संपत्तियों पर थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने यह मानकर साजिश रची कि इरफान अहमद की बेटियां शादीशुदा हैं। उनका आरोपित उद्देश्य था कि इरफान को रास्ते से हटाने के बाद संपत्ति और मदरसे से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर कब्जा किया जा सके।

इसी योजना के तहत शूटरों को हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी देने की बात सामने आई है।

शूटरों को मोबाइल, सिम और हथियार भी उपलब्ध कराए

पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी के अलावा अलग से की-पैड मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए गए थे। उन्हें अवैध पिस्टल भी दी गई थी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल और मदरसा संचालक की दो पहचान तस्वीरें बरामद की हैं।

वारदात से पहले पुलिस ने नाकाम की साजिश

पुलिस की सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की सक्रियता से हत्या की साजिश का समय रहते पता चल गया। रेकी कर रहे दोनों शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूछताछ के आधार पर कथित मुख्य सूत्रधार और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई।

इस कार्रवाई से मदरसा संचालक की हत्या की योजना को वारदात में बदलने से पहले ही रोक दिया गया।

सभी छह आरोपियों को भेजा गया जेल

मामले में हजरतगंज कोतवाली में गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपियों को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस अब मामले में साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपियों के बीच पैसों के लेनदेन समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button