“यूपी में कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए किसानों से ली गई लंबित टोकन मनी वापस होगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को 9,837 किसानों की करीब 3.57 करोड़ रुपये की राशि एक सप्ताह में लौटाने के निर्देश दिए हैं।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है। कृषि यंत्रों पर अनुदान पाने के लिए जमा कराई गई और लंबे समय से लंबित टोकन मनी अब किसानों के बैंक खातों में वापस की जाएगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को लंबित टोकन मनी का भुगतान जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए हैं।
कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान पर कृषि यंत्र प्राप्त करने के लिए किसानों से टोकन राशि जमा कराई जाती है। अलग-अलग श्रेणी के कृषि यंत्रों के लिए यह राशि 2,500 रुपये और 5,000 रुपये तक निर्धारित है। ई-लॉटरी में चयन नहीं होने या निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति में पात्र किसानों को उनकी जमा टोकन राशि वापस की जानी होती है।
9,837 किसानों की 3.57 करोड़ रुपये की राशि लंबित
कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में 38,568 किसानों की 15.16 करोड़ रुपये की टोकन मनी वापस की जा चुकी है। वहीं वर्ष 2023-24 और 2024-25 के 9,837 किसानों की करीब 3.57 करोड़ रुपये की राशि अभी वापस किया जाना बाकी था।
कृषि मंत्री ने इस लंबित राशि को भी जल्द से जल्द किसानों के खातों में भेजने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को करीब एक सप्ताह में भुगतान प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
पांच साल की लंबित रकम पर भी नजर
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक पांच वर्षों के दौरान कृषि यंत्रों के लिए किसानों से टोकन मनी जमा कराई गई थी। इनमें जिन किसानों की राशि किसी कारण से वापस नहीं हो सकी है, उनकी लंबित रकम की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
विभाग का कहना है कि पुराने मामलों की भी जांच कर पात्र किसानों को उनकी जमा राशि वापस कराने की कार्रवाई की जा रही है। इससे उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपनी रकम वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
हर किसान को 5,000 रुपये मिलना जरूरी नहीं
कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक किसान से हर कृषि यंत्र के लिए 5,000 रुपये की टोकन राशि जमा नहीं कराई जाती थी। योजना में अलग-अलग कृषि यंत्रों और श्रेणियों के अनुसार 2,500 रुपये और 5,000 रुपये की टोकन राशि निर्धारित थी।
इसलिए केवल किसानों की संख्या को 5,000 रुपये से गुणा करके लंबित टोकन मनी की कुल रकम निकालना सही नहीं होगा। वास्तविक राशि संबंधित कृषि यंत्र और किसान के जमा किए गए टोकन के आधार पर निर्धारित होगी।
देवरिया में 339 किसानों की रकम थी अटकी
टोकन मनी की वापसी में देरी का मामला देवरिया में भी सामने आ चुका है। वर्ष 2023-24 के 339 किसानों की टोकन राशि लंबे समय तक लंबित रही थी। किसानों ने विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की शिकायत भी की थी।
अधिकारियों ने उस समय भुगतान में देरी के पीछे तकनीकी कारण बताए थे। इनमें सर्वर में बदलाव, कुछ बैंकों के विलय और बैंक खातों के IFSC कोड में बदलाव जैसी समस्याएं शामिल थीं। विभाग की ओर से खातों की जानकारी दुरुस्त कर भुगतान कराने की बात कही गई थी।
महराजगंज में भी करीब 600 किसान प्रभावित
अगस्त 2026 में महराजगंज जिले में भी टोकन मनी वापसी का मामला सामने आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक करीब 600 किसानों की लगभग 22 लाख रुपये की टोकन राशि लंबित थी।
इसमें वर्ष 2023-24 और 2024-25 के 236 किसानों की करीब 10 लाख रुपये तथा वर्ष 2025-26 के 364 किसानों की 12 लाख रुपये से अधिक की राशि शामिल बताई गई।
तकनीकी दिक्कतों के कारण अटका भुगतान
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में भुगतान में देरी तकनीकी कारणों से हुई। बैंक खातों में बदलाव, IFSC कोड बदलने और बैंक संबंधी अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण कुछ किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर नहीं हो सकी।
अब विभाग पुराने रिकॉर्ड और बैंक खातों की जानकारी को दुरुस्त कर लंबित भुगतान कराने की प्रक्रिया में जुटा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पात्र किसानों की रकम किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
किसानों को पुराने मामलों में भी भुगतान की उम्मीद
सरकार की ओर से लंबित टोकन मनी लौटाने के निर्देश के बाद किसानों को उम्मीद है कि केवल हाल के वर्षों के मामलों का ही नहीं, बल्कि वर्ष 2021-22 से लंबित सभी पात्र मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
किसानों की मांग है कि विभाग पुराने रिकॉर्ड की भी पूरी जांच करे और जिन किसानों की टोकन राशि किसी कारण से वापस नहीं हुई है, उसे उनके बैंक खातों में भेजा जाए। इससे लंबे समय से अटकी रकम वापस मिलने से किसानों को राहत मिलेगी।
क्या है टोकन मनी का नियम?
कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए आवेदन करने वाले किसानों से योजना के तहत निर्धारित टोकन राशि जमा कराई जाती है। ई-लॉटरी में चयन नहीं होने या योजना की निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति में पात्र किसान की जमा राशि वापस की जानी होती है।
अलग-अलग कृषि यंत्रों के लिए टोकन राशि अलग हो सकती है। विभाग के अनुसार कुछ यंत्रों के लिए 2,500 रुपये और कुछ के लिए 5,000 रुपये तक की राशि निर्धारित की गई थी।








