धान खरीद से पहले योगी सरकार का बड़ा इंतजाम, 40 हजार गांठ जूट बोरे खरीदने को ₹200 करोड़ मंजूर

यूपी सरकार ने खरीफ सत्र में धान और मोटे अनाज की सरकारी खरीद के लिए 40 हजार गांठ जूट के बोरे खरीदने को ₹200 करोड़ मंजूर किए हैं। पिछले सत्र में बोरे की कमी से हुई परेशानी के बाद खाद्य एवं रसद विभाग ने अग्रिम तैयारी शुरू कर दी है।

लखनऊ। खरीफ सत्र में धान और मोटे अनाज की सरकारी खरीद के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने धान खरीद और कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति के लिए 40 हजार गांठ जूट के बोरे खरीदने को 200 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

शनिवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से बोरे खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। खाद्य एवं रसद विभाग ने पिछले सत्र के अनुभव से सबक लेते हुए इस बार खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पर्याप्त संख्या में बोरों की व्यवस्था करने की तैयारी की है।

पिछले साल बोरे की कमी से हुई थी परेशानी

सरकारी खरीद केंद्रों पर धान पहुंचने के बाद उसकी तौल और भंडारण के लिए बोरों की जरूरत होती है। पिछले सत्र में समय से बोरे उपलब्ध नहीं होने के कारण कई स्थानों पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। बोरों का समय पर आर्डर न होने से खरीद व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी।

इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार खाद्य एवं रसद विभाग ने पहले ही बोरों की खरीद का प्रस्ताव तैयार कर लिया। सरकार का उद्देश्य है कि धान खरीद शुरू होने के समय केंद्रों पर बोरों की पर्याप्त उपलब्धता रहे और किसानों को किसी तरह की समस्या न हो।

धान के साथ मोटे अनाज की भी होगी खरीद

खरीफ सत्र में सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान की खरीद करती है। इसके अलावा मोटे अनाज की भी सरकारी खरीद की जाती है। खरीद के बाद धान को राइस मिलों को उपलब्ध कराया जाता है, जहां उससे कस्टम मिल्ड राइस तैयार किया जाता है।

तैयार सीएमआर की आपूर्ति भारत सरकार को की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में धान के रखरखाव और सीएमआर की आपूर्ति के लिए बड़ी संख्या में बोरों की आवश्यकता होती है।

40 हजार गांठ जूट के बोरे खरीदे जाएंगे

सरकार की मंजूरी के बाद अब करीब 40 हजार गांठ जूट के बोरों की खरीद की जाएगी। इसके लिए 200 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। विभाग का प्रयास है कि खरीद प्रक्रिया समय से पूरी हो और धान खरीद शुरू होने से पहले सभी जरूरी केंद्रों तक बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी जाए।

अग्रिम व्यवस्था होने से सरकारी खरीद केंद्रों पर धान पहुंचने के बाद बोरे उपलब्ध नहीं होने जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा।

किसानों को नहीं करना पड़ेगा इंतजार

सरकार की इस तैयारी का सीधा लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है। धान खरीद केंद्रों पर बोरे पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहने से तौल और पैकिंग की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सकेगी। इससे किसानों को धान बेचने के बाद बोरे की कमी के कारण इंतजार करने की स्थिति से भी राहत मिल सकती है।

खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से खरीद प्रक्रिया की तैयारियों को समय से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि खरीफ खरीद के दौरान किसी स्तर पर अव्यवस्था न हो।

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