“सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान में कथित चोरी और अनियमितताओं की खबर देने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है। पत्रकार ने यूपी पुलिस की FIR रद्द करने और गिरफ्तारी से सुरक्षा मांगी है।“
नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित चोरी और अनियमितताओं की खबर सामने लाने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। पत्रकार ने गाजियाबाद में उनके खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी है। उन्होंने FIR रद्द करने के साथ गिरफ्तारी और किसी भी अन्य दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है।
मामले का सोमवार को तत्काल सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में उल्लेख किया गया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष वकील ने मामले को उठाया। संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद पीठ ने याचिका को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।
वकील ने कहा- पत्रकार के खिलाफ कई FIR का दावा
पत्रकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि मामला उस पत्रकार से जुड़ा है, जिसने राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित चोरी की खबर सामने रखी थी। वकील ने दावा किया कि पत्रकार के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं और अब एक मामले में कड़े SC/ST Act के प्रावधान भी लगाए गए हैं।
वकील ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की एक टीम पत्रकार के घर पहुंची और तलाशी ली। मामले की तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए उन्होंने अदालत से इसे जल्द सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।
पत्रकार ने FIR को बताया झूठा और मनगढ़ंत
अभिषेक उपाध्याय ने अपने खिलाफ दर्ज FIR में लगाए गए आरोपों को गलत और मनगढ़ंत बताया है। उनका कहना है कि यह स्वतंत्र खोजी पत्रकारिता के कारण उन्हें परेशान करने का प्रयास है।
याचिका में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से FIR को रद्द करने की मांग की है। साथ ही गिरफ्तारी और अन्य किसी भी तरह की coercive action से सुरक्षा देने का अनुरोध किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
इसी महीने की शुरुआत में गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में एक मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिप्रा मॉल के पास मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति को एक बलेनो कार ने कथित तौर पर टक्कर मार दी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के बाद कार चालक ने उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी दी। शिकायत में कार और उसके चालक के संबंध में अभिषेक उपाध्याय का नाम लिया गया है।
हालांकि, पत्रकार ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।
मंगलवार को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मामले को तत्काल सुनने की मांग पर विचार करते हुए इसे मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। अब अदालत के समक्ष पत्रकार की FIR रद्द करने और गिरफ्तारी समेत अन्य दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण की मांग पर सुनवाई होगी।
मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि याचिकाकर्ता ने FIR को अपनी खोजी पत्रकारिता से जोड़ते हुए इसे कथित उत्पीड़न का प्रयास बताया है। अब मंगलवार की सुनवाई में अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें सामने आएंगी।
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