“कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बढ़ती महंगाई को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्याज, चीनी, सरसों तेल और खाद्य महंगाई के आंकड़े गिनाते हुए कहा कि ‘अच्छे दिन’ के दावे के बीच आम आदमी का बजट लगातार बिगड़ रहा है।“
नई दिल्ली। देश में जरूरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिस ‘अच्छे दिन’ का वादा करके सत्ता में आई थी, उसकी हकीकत यह है कि महंगाई आम आदमी की रसोई और घरेलू बजट पर लगातार बोझ बढ़ा रही है।
खरगे ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों से जुड़े सवालों से बचने के लिए ध्यान भटकाने वाले मुद्दे और गैरजरूरी बयानबाजी का सहारा लेती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और जनता महंगाई को लेकर सवाल उठाना जारी रखेंगे।
प्याज, चीनी और तेल की कीमतों का दिया हवाला
कांग्रेस अध्यक्ष ने त्योहारों के दौरान आम आदमी की रसोई का हवाला देते हुए कहा कि कई शहरों में प्याज की कीमतें एक साल में 59 प्रतिशत तक बढ़ी हैं और यह 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
उन्होंने चीनी की कीमत 60 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम और कुछ जगहों पर 72 रुपये तक होने का दावा किया। इसके अलावा सरसों तेल की कीमत 200 रुपये प्रति लीटर से अधिक होने की बात भी कही।
खरगे ने खाद्य महंगाई दर 5.52 प्रतिशत और थोक महंगाई दर 9.78 प्रतिशत का हवाला देते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए।
‘कभी दाल, कभी सब्जी, कभी तेल बिगाड़ रहा बजट’
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भाजपा सरकार के करीब 12 साल के कार्यकाल में आम आदमी के सामने महंगाई लगातार चुनौती बनी हुई है। उनके मुताबिक कभी दाल, कभी सब्जियां, कभी तेल और कभी चीनी की बढ़ती कीमतें लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि जब सरकार ‘अच्छे दिन’ आने का दावा करती है तो आम लोगों को बढ़ती कीमतों से राहत क्यों नहीं मिल रही है।
कांग्रेस पहले भी उठा चुकी है महंगाई का मुद्दा
कांग्रेस ने इससे पहले सोमवार को भी जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। पार्टी ने महंगाई को ‘आसमान छूती’ बताते हुए मोदी सरकार से पूछा था कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग बढ़ते खर्चों के बीच अपने घर का बजट कैसे संभालें।
विपक्षी दल का आरोप है कि केंद्र सरकार जरूरी वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने में विफल रही है। कांग्रेस ने कहा है कि जनता महंगाई से जुड़े मुद्दों को याद रखेगी और इसका जवाब देगी।
महंगाई पर सियासी टकराव तेज
जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस जहां बढ़ती कीमतों को आम आदमी की परेशानी से जोड़कर सरकार को घेर रही है, वहीं महंगाई और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर केंद्र की ओर से उठाए जा रहे कदमों पर भी नजर बनी हुई है। आगामी दिनों में यह मुद्दा विपक्ष के राजनीतिक अभियान में और प्रमुखता से उठ सकता है।
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