“उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने आरक्षण, सामाजिक न्याय और राष्ट्रगान के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति तेज कर दी है। प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आरक्षण और जातिगत जनगणना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।“
लखनऊ: सामाजिक न्याय के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरने के लिए सामाजिक न्याय, आरक्षण और राष्ट्रगान जैसे संवेदनशील मुद्दों को केंद्र में रखना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सोमवार को प्रदेश मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर भाजपा पर आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर हमला बोला।
गौतम ने भाजपा की उस राजनीतिक छवि को चुनौती देने की कोशिश की, जिसमें पार्टी हिंदुत्व के साथ सामाजिक न्याय की राजनीति का भी दावा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों, पिछड़ों और आरक्षित वर्गों से जुड़े मुद्दों पर भाजपा का वास्तविक रुख उसके दावों से अलग है।
आरक्षण विरोधी प्रदर्शन को लेकर ब्रजेश पाठक पर निशाना
राजेंद्र पाल गौतम ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे को उठाते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को उनके अधिकार और न्याय देने के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता ने इसे भाजपा की कथित आरक्षण विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
जातिगत जनगणना और ओबीसी कॉलम को बनाया मुद्दा
कांग्रेस ने जातिगत जनगणना को लेकर भी सरकार पर हमला तेज किया है। राजेंद्र पाल गौतम ने जातिगत जनगणना के नोटिफिकेशन में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं होने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए जातिगत आंकड़े जरूरी हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को सामाजिक न्याय की अपनी राजनीति से जोड़कर आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
68 हजार रिक्तियों में आरक्षित सीटों का मुद्दा भी उठाया
गौतम ने करीब 68 हजार रिक्तियों में एससी और ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य वर्ग में स्थानांतरित किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्गों के अधिकारों से जुड़े ऐसे सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने इन मुद्दों के जरिए भाजपा के सामने दलित और पिछड़ा वर्ग से जुड़े सवालों को राजनीतिक चुनौती के रूप में पेश करने की कोशिश की है।
सतीश महाना पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ने उन्नाव के एक कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पर राष्ट्रगान बीच में छोड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, इस आरोप पर सतीश महाना और कार्यक्रम के आयोजक पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उनका कहना है कि जिस स्थान पर राष्ट्रगान हो रहा था, वहां विधानसभा अध्यक्ष मौजूद नहीं थे। ऐसे में इस मुद्दे पर कांग्रेस के आरोप और भाजपा पक्ष की सफाई आमने-सामने है।
कानपुर में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को बताया सत्ता का दुरुपयोग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कानपुर में हुई गिरफ्तारी का मुद्दा भी राजेंद्र पाल गौतम ने उठाया। उन्होंने इसे सत्ता के कथित दुरुपयोग से जोड़ते हुए कहा कि विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई लोकतांत्रिक माहौल के लिए उचित नहीं है।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
अयोध्या के मछली भोज विवाद पर कांग्रेस की सफाई
अयोध्या में कांग्रेस के कथित मछली भोज को लेकर उठे विवाद पर भी गौतम ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मछली नहीं बनाई गई थी। उन्होंने भाजपा नेताओं की मांसाहार से जुड़ी तस्वीरों का हवाला देते हुए भाजपा नेताओं को सलाह दी कि वे कांग्रेस पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकें।
इस मुद्दे के जरिए कांग्रेस ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाने की कोशिश की।
अखिलेश यादव से जल्द मुलाकात की बात
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मुलाकात से जुड़े सवाल पर राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि राजनीति में मेल-मिलाप और संवाद जरूरी है। उन्होंने संकेत दिया कि वह भी जल्द अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगे।
उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल को लेकर इस बयान को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2027 के लिए मुद्दों की जमीन तैयार कर रही कांग्रेस
कांग्रेस की मौजूदा रणनीति से संकेत मिलता है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण, जातिगत जनगणना, सामाजिक न्याय, दलित-पिछड़ा वर्ग और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की तैयारी में है।
पार्टी भाजपा को केवल राजनीतिक दल के रूप में चुनौती देने के बजाय सामाजिक न्याय के मुद्दे पर भी घेरना चाहती है। इसके लिए कांग्रेस उन मुद्दों को लगातार उठा रही है, जिनका सीधा संबंध प्रदेश के बड़े सामाजिक और राजनीतिक वर्गों से है।
हालांकि, कांग्रेस के इन आरोपों पर भाजपा की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और इन मुद्दों का आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीति पर कितना असर पड़ता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
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