“ नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह अपनी पहली विदेश यात्रा भारत की कर सकते हैं। वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने बताया कि दौरे की तारीख पर विचार जारी है और इस साल के अंत तक यात्रा होने की उम्मीद है।“
काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा भारत की होगी। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने गुरुवार को यह बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरे को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है और सरकार को पूरी उम्मीद है कि उनकी पहली विदेश यात्रा भारत की होगी।
हालांकि, अभी प्रधानमंत्री बालेन शाह के भारत दौरे की तारीख तय नहीं हुई है। वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि यदि तैयारियां तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ती हैं तो यह यात्रा इस साल के अंत से पहले हो सकती है।
तारीख पर चल रहा विचार-विमर्श
काठमांडू में आयोजित एक टीवी कार्यक्रम में वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा से जुड़े सवालों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दौरे की तारीख को लेकर फिलहाल विचार-विमर्श चल रहा है, लेकिन यात्रा के गंतव्य को लेकर कोई संशय नहीं है।
वागले के मुताबिक, सरकार की प्राथमिकता शुरुआत में घरेलू मुद्दों पर रही। प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद बालेन शाह की सरकार ने अपने शुरुआती 100 दिनों के लिए तय किए गए 100 सूत्री एजेंडे पर काम किया। इसके बाद अब विदेश यात्राओं को लेकर चर्चा शुरू हुई है।
100 दिन के एजेंडे पर सरकार का फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री बालेन शाह का पूरा ध्यान घरेलू मामलों पर केंद्रित रहा। सरकार ने अपने शुरुआती 100 दिनों के लिए 100 सूत्री एजेंडा तय किया था।
वागले ने बताया कि इस एजेंडे पर सरकार ने अपने प्रदर्शन को 87.2 प्रतिशत अंक दिए हैं। घरेलू प्राथमिकताओं पर काम के बाद अब प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की योजना पर चर्चा शुरू की गई है।
उन्होंने भरोसा जताया कि बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा भारत की ही होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा की तारीख पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
भारत-नेपाल रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण संदेश
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा के रूप में भारत को चुने जाने की संभावित घोषणा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते बेहद मजबूत हैं और इन्हें केवल पासपोर्ट या सीमाओं के दायरे में नहीं बांधा जा सकता।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यदि नेपाल सरकार ने प्रधानमंत्री की पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना है तो यह दोनों देशों के रिश्तों की दिशा को लेकर सकारात्मक संदेश है। उन्होंने इसे भारत-नेपाल संबंधों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संकेत बताया।
भारत और नेपाल के रिश्तों में बढ़ सकती है गर्माहट
नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा, व्यापार, पर्यटन और लोगों के बीच मजबूत संपर्क है।
ऐसे में बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा के लिए भारत का चयन दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को नई गति दे सकता है। संभावित दौरे के दौरान द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा
टीवी कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने नेपाल की अर्थव्यवस्था को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को 100 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य का उल्लेख किया।
इसके अलावा भारत और नेपाल की मुद्राओं के बीच विनिमय दर, हाल में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्य और प्रधानमंत्री बालेन शाह की कार्यशैली पर भी चर्चा हुई।
27 मार्च को प्रधानमंत्री पद की शपथ
बालेन शाह ने 27 मार्च 2026 को नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इससे पहले इसी साल मार्च में हुए आम चुनाव में उनके नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की थी।
प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह की सरकार ने शुरुआत में घरेलू प्रशासन और विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। अब उनकी संभावित पहली विदेश यात्रा को लेकर भारत का नाम सामने आने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
साल के अंत से पहले हो सकता है दौरा
फिलहाल भारत यात्रा की आधिकारिक तारीख का इंतजार है। नेपाल के वित्त मंत्री के बयान के मुताबिक, तारीख पर चर्चा जारी है और सरकार को उम्मीद है कि बालेन शाह 2026 के अंत से पहले भारत की यात्रा कर सकते हैं।
यदि यह दौरा तय होता है तो प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा होगी। भारत को पहला गंतव्य बनाए जाने से दोनों पड़ोसी देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश भी जाएगा।
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