“देशभर में CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में CNG अब 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। 15 मई 2026 के बाद यह चौथी बढ़ोतरी है और 11 दिनों में कुल 6 रुपये प्रति किलो दाम बढ़ चुके हैं। दिल्ली-NCR में ऑटो, टैक्सी और स्कूल वैन चालकों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है।“
नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब CNG उपभोक्ताओं को भी महंगाई का बड़ा झटका लगा है। मंगलवार 26 मई 2026 से राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में CNG की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी गई है।
नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में CNG की कीमत बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। यह 15 मई के बाद चौथी बार है जब CNG के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम लोगों, ऑटो चालकों, टैक्सी ऑपरेटरों और परिवहन क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है।
11 दिनों में 6 रुपये महंगी हुई CNG
तेल कंपनियों की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 15 मई 2026 से अब तक CNG की कीमतों में कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी है।
पिछली बढ़ोतरी इस प्रकार रही:
- 15 मई: 2 रुपये प्रति किलो वृद्धि
- 18 मई: 1 रुपये प्रति किलो वृद्धि
- 23 मई: 1 रुपये प्रति किलो वृद्धि
- 26 मई: 2 रुपये प्रति किलो वृद्धि
लगातार चौथी बार कीमतें बढ़ने से उपभोक्ताओं का बजट प्रभावित होने लगा है।
दिल्ली-NCR में सबसे ज्यादा असर
दिल्ली-NCR क्षेत्र में CNG का उपयोग सबसे अधिक होता है। राजधानी में बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा, टैक्सी, स्कूल वैन, कैब सर्विस और निजी वाहन CNG पर चलते हैं।
ऑटो चालकों का कहना है कि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ने से उनकी आमदनी कम हो रही है। वहीं परिवहन लागत बढ़ने से किराए और रोजमर्रा के खर्चों पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के किराए भी बढ़ सकते हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ा दबाव
जानकारों के मुताबिक मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ा है। इसी कारण पेट्रोल, डीजल और CNG जैसी ईंधन श्रेणियों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई थी, जिसके अगले ही दिन CNG की कीमतों में इजाफा कर दिया गया। इससे आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका है।
परिवहन और घरेलू बजट पर असर
CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन लागत बढ़ने से फल-सब्जियों, स्कूल परिवहन, टैक्सी सेवाओं और अन्य दैनिक जरूरतों की लागत भी बढ़ सकती है।
दिल्ली-NCR समेत कई महानगरों में लाखों लोग रोजमर्रा के आवागमन के लिए CNG वाहनों पर निर्भर हैं। ऐसे में बार-बार बढ़ती कीमतें मध्यम वर्ग और छोटे परिवहन व्यवसायों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
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